यह सोज़गाह1 है कि मेरा दिल है मुझको जलाने वाला मेरा क़ातिल है जिसे देखकर उसे रश्क़2 आता है वह कोई और नहीं माहे-क़ामिल3 है जिसने मुझको कहा सबसे अच्छा वह कोई पारसा4 है या बातिल5 है? तुम जाने किस बात पर रूठे… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 10 months ago: यह सोज़गाह1 है कि मेरा दिल है मुझको जलाने वाला मेरा क़ातिल है जिसे देखकर उसे रश्क़2 आता है वह कोई और नह … more →
विनय wrote 1 year ago: इश्क़ क्या हमको मारेगा, हम इश्क़ को मारेंगे अब तलक क्या हारे हैं उससे, जो अब हारेंगे जाओ कह दो शायरे-म … more →
विनय wrote 1 year ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन भी पुकारा उसने मुझे मेरे मद्यए-मुक़ाबिल के सर मौत का सेहरा होग … more →