भगवान बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई? काहे को भगवान बनाया? अगर मैं आज यहाँ नही होता, तो मेरी जगह पे वह बैठा रहता । तुम लोग यह बात समझ नही पाओगे । वो मेरा दोस्त ही नही, मेरा सबसे बड़ा प्रतिद्वन्द्वी… more →
ठेले पे हिमालयprithvi wrote 3 weeks ago: इतिहास के अनुभवों से हम सबक नहीं लेते, इसी से इतिहास की पुनरावृत्ति होती है. – विनोबा भावे सूरतगढ़ स … more →
Gaizabonts wrote 1 year ago: भगवान बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई? काहे को भगवान बनाया? अगर मैं आज यहाँ नही होता, तो मेरी जगह … more →