इसका पता लगाने के लिए कि किसी पण्य के मूल्य की प्राथमिक अभिव्यंजना दो पण्यों के मूल्य-संबंध में कैसे छिपी रहती है, हमें सबसे पहले इस मूल्य-संबंध को उसके परिमाणात्मक पहलू से बिलकुल अलग करके उस पर विचार… more →
परियोजना 'पूंजी' ऑनलाइनsaathisukhdev wrote 5 months ago: इसका पता लगाने के लिए कि किसी पण्य के मूल्य की प्राथमिक अभिव्यंजना दो पण्यों के मूल्य-संबंध में कैसे … more →
drvarma68 wrote 5 months ago: पहली दृष्टि में पण्य दो चीजों -उपयोग-मूल्य और विनिमय मूल्य – के संश्लेष के रूप में हमारे सामने आया थ … more →
drvarma68 wrote 5 months ago: मार्क्स की रचना ‘पूंजी’ का सार और इससे आगे मार्क्स की रचना ‘पूंजी’ से अगर हम कुछ सीखते हैं तो वह होन … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भूतपूर्व मजदूर की डायरी से-आलेख जिन लोगों ने जीवन में कभी मजदूरी या मेहनतकश बनकर पैसा नहीं कमाया उनक … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: इंडिया बनाम भारत की हफ्तों पहले (ब्लॉग पोस्टः अक्टूबर ६) आरंभ की गयी चर्चा अधूरी छूट गयी थी । उन पोस … more →