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मेरी बाइसे-ज़ीस्त

विनय wrote 1 year ago: मेरी बाइसे-ज़ीस्त, तुमको इक नज़र देखने के बाद मैं क्यों मुदाम तुम्हारी जानिब खिंचता रहता हूँ? क्यों इक … more →

Tags: ख़त/पयाम, ज़िन्दगी, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, वफ़ा, जज़्बात