Blogs about: मेरी ग़ज़ल

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नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही13 comments

विनय wrote 2 months ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझ … more →

Tags: आसाँ, इश्क़, कल, ग़ुरूर, दिल, दूरी, प्यार, बात, मुश्किल

हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़9 comments

विनय wrote 2 months ago: हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को … more →

Tags: against, ख़िलाफ़, दिल, मुआफ़, मौक़ा, रात, लिहाफ़, शिगाफ़, साफ़

वह मुस्कुराया और रूठा भी10 comments

विनय wrote 2 months ago: वह मुस्कुराया और रूठा भी वह सच्चा है और झूठा भी दूर था तो क़रीब था दिल के उसकी बात से दिल टूटा भी इक … more →

Tags: ख़ाब, Heart, क़रीब, दिल, झूठा, dream, Attraction, कशिश, Near

सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ9 comments

विनय wrote 3 months ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →

Tags: नूर, दोस्त, दर्द, Love, तन्हाई, मंज़िल, Pain, दुआ, घर

कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो7 comments

विनय wrote 3 months ago: कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो चला चलूँ अगर साथ चलना चाहो नहीं कहते हो मुझ से हर बार तुम करूँ क्या … more →

Tags: इश्क़, Love, Flower, गुल, प्यार, मोहब्बत, Insanity, Meeting, Laugh

तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है7 comments

विनय wrote 4 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →

Tags: इश्क़, ज़िबह, Love, प्यार, मोहब्बत, यार, जानिब, बेवजह, नज़र

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 4 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: आँसू, आस्ताँ, ख़ुदा, चाँद, तस्व्वुर, दाग़, दिल, मरासिम, शब

वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है16 comments

विनय wrote 4 months ago: वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फि … more →

Tags: इश्क़, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, नफ़रत, जानिब, desire, Hate

यह सोज़गाह है कि मेरा दिल है8 comments

विनय wrote 4 months ago: यह सोज़गाह1 है कि मेरा दिल है मुझको जलाने वाला मेरा क़ातिल है जिसे देखकर उसे रश्क़2 आता है वह कोई और नह … more →

Tags: हासिल, Heart, दिल, शामिल, दुनिया, क़ातिल, World, include, लहू

मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत9 comments

विनय wrote 4 months ago: मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत, ग़लत नहीं है तुमको चाहा है मैंने अगर इसमें कुछ ग़लत नहीं है दिखा … more →

Tags: इश्क़, Love, डर, प्यार, चेहरा, मोहब्बत, हसीन, नज़र, Wrong

भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है17 comments

विनय wrote 5 months ago: भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है रूठी हुई हमसे तक़दीर हमारी है मैं दिवाना राहे-इश्क़ का मुसाफ़िर ह … more →

Tags: इश्क़, Love, eyes, प्यार, तस्वीर, आँखें, राह, ज़ंजीर, Crazy

उसने हमसे कभी वफ़ा न की7 comments

विनय wrote 5 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →

Tags: उम्मीद, इश्क़, Heart, Love, दिल, आदत, Friendship, वफ़ा, तमन्ना

झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं6 comments

विनय wrote 5 months ago: झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं फूल उसकी आँखों को देख यार झूमते हैं तेरे हुस्नो-शबाब के बारे क्य … more →

Tags: हुस्न, Flower, eyes, दीवाना, ख़ाहिश, यार, तमन्ना, आशिक़, नज़र

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 6 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, दिल, प्यार, मोहब्बत

जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं11 comments

विनय wrote 6 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →

Tags: वक़्त, चाह, दोस्त, लोग, Heart, time, दिल, याद, बाज़ार

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 8 months ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: alive, अन्जाम, इम्तिहाँ, इश्क़, ग़ुलाम, जाँ, ताम-झाम, दर्द, दिल

अश्क से पहले आँच उठती है5 comments

विनय wrote 1 year ago: अश्क से पहले आँच उठती है जब भी तुझपे आँख टिकती है बाटे हुए सब वक़्त के धागे पर उनमें अब गिरह दिखती है … more →

Tags: ज़िन्दगी, वक़्त, इश्क़, गिरह, Love, time, eyes, प्यार, मोहब्बत

तुम नहीं तो रंग नहीं होली में4 comments

विनय wrote 1 year ago: तुम नहीं तो रंग नहीं होली में नहीं सजता आलेखन रंगोली में है दर्द में आज भी वही मज़ा न है लुत्फ़ ग़ैर क … more →

Tags: अधूरा, आलेखन, ख़ाब, ख़ुशियाँ, ग़ैर, घर, झोली, ठिठोली, डोली

जिसे दवा जाना वह भी ज़हर निकला1 comment

विनय wrote 1 year ago: जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला दो उंगलियों में मुझे यूँ मसला उसने मेरे दिल स … more →

Tags: इश्क़, Heart, Love, Moment, दिल, डर, प्यार, मुख़्तसर, मोहब्बत


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