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Blogs about: मेरी ग़ज़ल

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नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही13 comments

विनय wrote 7 months ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझ … more →

Tags: आसाँ, इश्क़, कल, ग़ुरूर, दिल, दूरी, प्यार, बात, मुश्किल

हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़9 comments

विनय wrote 7 months ago: हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को … more →

Tags: Heart, दिल, रात, Night, मौक़ा, Chance, शिगाफ़, Crack, cloth

वह मुस्कुराया और रूठा भी10 comments

विनय wrote 7 months ago: वह मुस्कुराया और रूठा भी वह सच्चा है और झूठा भी दूर था तो क़रीब था दिल के उसकी बात से दिल टूटा भी इक … more →

Tags: Attraction, कशिश, ख़ाब, छाला, झूठा, दिल, मुस्कुराया, रूठा, सच्चा

सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ9 comments

विनय wrote 7 months ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →

Tags: असरकार, घर, चारागर, ठिकाना, तन्हाई, दर्द, दामन, दुआ, दोस्त

कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो7 comments

विनय wrote 8 months ago: कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो चला चलूँ अगर साथ चलना चाहो नहीं कहते हो मुझ से हर बार तुम करूँ क्या … more →

Tags: इश्क़, Love, Flower, गुल, प्यार, मोहब्बत, Insanity, Meeting, Laugh

तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है7 comments

विनय wrote 8 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →

Tags: arrow, अदा, इश्क़, कटार, गुफ़्तार, चमन, जानिब, तीर, नख़्वत

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 9 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: चाँद, Heart, दिल, शाम, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम, आँसू

वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है16 comments

विनय wrote 9 months ago: वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फि … more →

Tags: इश्क़, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, नफ़रत, जानिब, desire, Hate

यह सोज़गाह है कि मेरा दिल है8 comments

विनय wrote 9 months ago: यह सोज़गाह1 है कि मेरा दिल है मुझको जलाने वाला मेरा क़ातिल है जिसे देखकर उसे रश्क़2 आता है वह कोई और नह … more →

Tags: हासिल, Heart, दिल, शामिल, दुनिया, क़ातिल, World, include, लहू

मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत9 comments

विनय wrote 9 months ago: मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत, ग़लत नहीं है तुमको चाहा है मैंने अगर इसमें कुछ ग़लत नहीं है दिखा … more →

Tags: इश्क़, उलझन, ग़लत, चेहरा, डर, नज़र, प्यार, मोहब्बत, सबात

भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है19 comments

विनय wrote 9 months ago: भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है रूठी हुई हमसे तक़दीर हमारी है मैं दिवाना राहे-इश्क़ का मुसाफ़िर ह … more →

Tags: आँखें, इश्क़, जान, तस्वीर, तक़दीर, दिन, दिवाना, पाँव, प्यार

उसने हमसे कभी वफ़ा न की7 comments

विनय wrote 9 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →

Tags: उम्मीद, इश्क़, Heart, Love, दिल, आदत, Friendship, वफ़ा, तमन्ना

झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं6 comments

विनय wrote 10 months ago: झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं फूल उसकी आँखों को देख यार झूमते हैं तेरे हुस्नो-शबाब के बारे क्य … more →

Tags: हुस्न, Flower, eyes, दीवाना, ख़ाहिश, यार, तमन्ना, आशिक़, नज़र

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 10 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, दिल, प्यार, मोहब्बत

जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं11 comments

विनय wrote 11 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →

Tags: आँसू, आसाँ, आसान, इन्साँ, इन्सान, ग़ैर, चाह, जीना, दिल

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 1 year ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: ज़िन्दगी, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम, मुक़ाम

अश्क से पहले आँच उठती है5 comments

विनय wrote 1 year ago: अश्क से पहले आँच उठती है जब भी तुझपे आँख टिकती है बाटे हुए सब वक़्त के धागे पर उनमें अब गिरह दिखती है … more →

Tags: ज़िन्दगी, वक़्त, इश्क़, गिरह, Love, time, eyes, प्यार, मोहब्बत

तुम नहीं तो रंग नहीं होली में4 comments

विनय wrote 1 year ago: तुम नहीं तो रंग नहीं होली में नहीं सजता आलेखन रंगोली में है दर्द में आज भी वही मज़ा न है लुत्फ़ ग़ैर क … more →

Tags: ख़ाब, रंग, दर्द, डोली, Pain, घर, Fun, Stranger, Dreams

जिसे दवा जाना वह भी ज़हर निकला1 comment

विनय wrote 1 year ago: जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला दो उंगलियों में मुझे यूँ मसला उसने मेरे दिल स … more →

Tags: इश्क़, Heart, Love, Moment, दिल, डर, प्यार, मुख़्तसर, मोहब्बत


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