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Blogs about: मेरी नज़्म

जो मुझको जानते हैं5 comments

विनय wrote 1 year ago: जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो नहीं जानते हैं ज़रा ज़्यादा जानते हैं जो ढीठ बनके बैठा हुआ है म … more →

Tags: शिकन, फ़ितरत, Pain, चाहत, सूरज, जानिब, desire, तड़प, habit

क्यों बेशर्म क़तरा-क़तरा ज़हन नहीं ढलता3 comments

विनय wrote 1 year ago: क्यों? बेशर्म क़तरा-क़तरा ज़हन नहीं ढलता क्यों? मुझे बेक़रारियों से क़रार नहीं मिलता क्यों? ढल रहा हूँ दि … more →

Tags: ज़हन, इश्क़, Love, Mind, प्यार, कोशिश, मोहब्बत, क़रार, टुकड़े

ख़लिश को जगह न दो दिल में2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़लिश को जगह न दो दिल में नासूर बन जायेगी मरहम भी न लगा पाओगे साँस घुट के मर जायेगी ज़ीस्त अलग है, ज़ी … more →

Tags: इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, साँस, मरहम, Life

ख़ुदा ने जब किसी को2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फिर तूने क्यों कहा ग़ैर को अपना ख़ुदा यह तो हद ही कर दी तूने, य … more →

Tags: ईमान, एहसान, ख़ुदा, ग़ैर, चौखट, दरवाज़ा, दिए, हद, क़त्ल

गिरते सितारे को

विनय wrote 1 year ago: हमने आसमाँ से टूटके गिरते सितारे को ज़मीं पे आते देखा है आसमाँ पे था तो चमकता था ज़मीं पे है तो दहकता … more →

Tags: Earth, ज़िन्दगी, ज़मीं, सितारे, Life, आसमाँ, sky, Stars, फ़र्क़

मौत और मेरे दर्मियान

विनय wrote 1 year ago: ज़िन्दगी… एक हीरे की अंगूठी है न उंगली में पहन सकूँ न ज़ुबाँ से चाट सकूँ मौत और मेरे दर्मियान बस … more →

Tags: ज़िन्दगी, death, Fate, Life, मौत, अंगूठी, हीरा, ring, diamond

रक़ाबी चाँद जला दो

विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →

Tags: चाँद, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, आइना, दिल, प्यार, मोहब्बत

यह ज़िन्दगी मेरी एक पतंग है

विनय wrote 1 year ago: यह ज़िन्दगी मेरी एक पतंग है मैं जिसको चाहता हूँ वह मुझसे बेरंग है उड़ती है बिल्कुल अकेली ढ़ूढ़ती है क … more →

Tags: ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Solitude, loneliness, पतंग, Friend

जब से भूल जाना चाहा तुमको 1 comment

विनय wrote 1 year ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भी आती है सपना क्या कभी कोई ऐसा हुआ जो बिखरा नहीं बची राख को आ … more →

Tags: ख़ाब, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Frozen, गुल, प्यार, याद

किस राह को चल रहे थे

विनय wrote 1 year ago: किस राह को चल रहे थे किस राह को हम चल दिये, उनसे प्यार लिए हम चले इक नये सफ़र पर, लुटा दिया सारा जो क … more →

Tags: इश्क़, Love, प्यार, बादल, मोहब्बत, सफ़र, वफ़ा, डगर, तमन्ना

इक तरफ़ वह इक तरफ़ हम

विनय wrote 1 year ago: इक तरफ़ वह इक तरफ़ हम बीच में यह फ़ासले इश्क़ की डोर से हमने जो बाँधे बन्धन क्या ख़बर उन पर गींठ लगी भी … more →

Tags: इश्क़, चाहत, दस्तूर, प्यार, बन्धन, मोहब्बत, फ़ासला, desire, Grief

वह कहाँ चले गये

विनय wrote 1 year ago: वह कहाँ चले गये जो कल घर आये थे हमारे थोड़ा-सा और क़रीब हमारे वह कहाँ चले गये जो कल घर आये थे हमारे ब … more →

Tags: अफ़साने, आँखें, इश्क़, घर, चेहरे, तस्वीर, तोहफ़े, दिल, दीदार

तेरी यादों के साये तले

विनय wrote 1 year ago: तेरी यादों के साये तले जाने हम- कितनी दूर तक चले क्या ख़बर कब… थकते क़दमों की शाम ढले जाने कब प … more →

Tags: अकेले, आहट, ख़बर, चिन्गारी, डोर, तन्हा, दिल, नीली, पल

सफ़र बहुत तवील है2 comments

विनय wrote 1 year ago: बहारों का मौसम शाख़ों पर खिलने लगा है मज़िलों की बेताबी का चाँद अब दिखने लगा है सफ़र बहुत तवील है और ल … more →

Tags: इश्क़, चाँद, तवील, प्यार, बेताबी, मंज़िल, मुख़्तसर, मोहब्बत, brief

जब-जब चाँद को

विनय wrote 1 year ago: जब-जब चाँद को छूना चाहा है मैंने बादलों के साये उसको दूर ले गये मैं अब कि ऐसा मौसम बनाऊँगा बादलों के … more →

Tags: चन्द्रमा, चाँद, बादल, मौसम, हौसला

यह रंगीन फ़िज़ा 2 comments

विनय wrote 1 year ago: यह रंगीन फ़िज़ा बेरंग दिख रही है सावन की बदली तंग दिख रही है एक मैं सिर्फ़ मैं यहाँ बैठा रहता हूँ बैठकर … more →

Tags: सावन, फ़िज़ा, नाम, इंतज़ार

मेरी मुहब्बत तो झूठी नहीं

विनय wrote 1 year ago: मेरी मुहब्बत तो झूठी नहीं अगर मैं झूठा हूँ तुम जो गये हो यहाँ से पल-पल मैं टूटा हूँ किसी का एतबार नह … more →

Tags: मुहब्बत, क़रीब, याद, झूठा, एतबार, कोशिश

क़िस्मत की लकीरें2 comments

विनय wrote 1 year ago: क़िस्मत की लकीरें मुझे तुझसे दूर रखती हैं यह नम आँखें तेरी याद में चाँद तकती हैं आँखें जब बंद करता हू … more →

Tags: ख़ाब, चाँद, क़िस्मत, याद, चेहरा, माहताब

किसी आस्माँ के परे तो

विनय wrote 1 year ago: किसी आस्माँ के परे तो तेरी मुहब्बत का हासिल मिलेगा कितनी तन्हाइयाँ तय करें कब हमें इनका हासिल मिलेगा … more →

Tags: हुस्न, आस्माँ, मुहब्बत, दूर, चाह, उम्मीद, उफ़


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