मेरी ज़िंदगी में सहारा नहीं है किस किस को मैने पुकारा नहीं है निकलता हूँ घर से … more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 6 months ago: मेरी ज़िंदगी में सहारा नहीं है किस किस … more →
Rohit Jain wrote 6 months ago: मेरी ज़बां से मेरा ही अफ़साना बिखरा ढ़ूँढ़ … more →