अमीर खुसरो जी को साहित्यकार, राजनीतिज्ञ और सूफी संत के बारे में सभी जानते है. आज प्रस्तुत है अमीर खुसरो का वैद्य रूप. गीत, पहेलियाँ, मुकरिया तो उनके प्रसिद्द है ही, आज प्रस्तुत है चंद ऐसे दोहे जिसमें … more →
पुरवाईanug wrote 11 months ago: अमीर खुसरो जी को साहित्यकार, राजनीतिज्ञ और सूफी संत के बारे में सभी जानते है. आज प्रस्तुत है अमीर खु … more →
anug wrote 1 year ago: देश भर में बाल दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। चलिए हम भी इस मूड को बनाए रखते है। आनन्द ल … more →
anug wrote 1 year ago: साहित्य से लेकर सिनेमा तक कृष्ण की गाथाएँ बिखरी पड़ी है। प्रेम का प्रसंग हो तो राधाकृष्ण, भक्ति की बा … more →
anug wrote 1 year ago: आषाढ का पूरा मास बीत गया पर बादल न गरजे। सावन आ गया पर झड़ी न लगी, बूँदा-बाँदी ही हो रही है। कुछ शहरो … more →
anug wrote 1 year ago: रामधारी सिंह दिनकर की यह कविता मैनें पाँचवीं कक्षा में पढ़ी थी। तब पढ़ कर बहुत मज़ा आया था पर आज पढ़ने प … more →
anug wrote 1 year ago: कृष्ण कन्हैया की चर्चा के बिना होली की चर्चा अधूरी है और जब बात चले बँसीबजैया की तो बरबस मीरा का नाम … more →
anug wrote 1 year ago: वसन्त ॠतु अपने साथ प्यार की ॠत लाती है। सदियो से हमारी संस्कृति में प्रेम के गीत गाए जाते रहे है। भा … more →
anug wrote 1 year ago: बापू की पुण्य स्मृति और शहीद दिवस पर आज मुझे याद आ रही है माखनलाल चतुर्वेदी की एक कविता जिसे मैनें श … more →
anug wrote 1 year ago: ये पंक्ति पढ कर शायद आपमें से बहुतों के मुख से अगली पंक्ति ये निकल आए - और हम नाचे बिन घुँघरू के लेक … more →
anug wrote 2 years ago: यह समय है त्यौहारों का, पूजा-पाठ का। अभी रमज़ान भी बीता और एक महीने के बाद क्रिसमस की धूम शुरू हो जाए … more →
anug wrote 2 years ago: बात उन दिनों की है जब हम सातवीं क्क्षा में पढते थे। पाठ्यक्रम में मैथिलीशरण गुप्त का एक गीत था। उस ग … more →
anug wrote 2 years ago: शिक्षा की संगीतमय शुरूवात ! शिक्षा की शुरूवात पहली कक्षा से होती है । शुरूवात में होता क्या है ? वर् … more →
anug wrote 2 years ago: प्रस्तुत है मेरे भूले बिसरे गीत । आं आं आं जी नहीं इन गीतों का विविध भारती के भूले बिसरे गीतों से को … more →