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गिर जायेगा इस बरसात में घर

विनय wrote 1 year ago: गिर जायेगा इस बरसात में घर तुम हो उधर हम हैं इधर जंगल ही जंगल है सब वीराना-सा जिस सिम्त दौड़ती है नज़ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, जंगल, दुआ, नज़र, प्यार, बरसात, बिछोह, मालिक़