Blogs about: मेहर

ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदाया1 कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल2 की थोड़ी मेहर इधर भी प्यार क्या है नहीं जानता मैं मगर सिखा दे मु … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, ख़बर, ख़ुदा