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Blogs about: मोहब्बत

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नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही13 comments

विनय wrote 7 months ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, आसाँ, इश्क़, कल, ग़ुरूर, दिल, दूरी, प्यार, बात

कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो7 comments

विनय wrote 8 months ago: कैसे मिलूँ तुमसे जो न मिलना चाहो चला चलूँ अगर साथ चलना चाहो नहीं कहते हो मुझ से हर बार तुम करूँ क्या … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Flower, गुल, प्यार, Insanity, Meeting, Laugh

तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है7 comments

विनय wrote 8 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ज़िबह, Love, प्यार, यार, जानिब, बेवजह, नज़र

वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है16 comments

विनय wrote 9 months ago: वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, दिल, प्यार, नफ़रत, जानिब, desire, Hate

मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत9 comments

विनय wrote 9 months ago: मेरी मोहब्बत को समझते हो तुम ग़लत, ग़लत नहीं है तुमको चाहा है मैंने अगर इसमें कुछ ग़लत नहीं है दिखा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, डर, प्यार, चेहरा, हसीन, नज़र, Wrong

ख़ाब सब ख़ाब हैं आँखों में बिखरे हुए13 comments

विनय wrote 9 months ago: ख़ाब सब ख़ाब हैं आँखों में बिखरे हुए दिल के कोने-कोने तक छितरे हुए वह अब कहाँ बाक़ी जो था मुझमें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार, चिन्गारी

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 10 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, दिल, प्यार

रातभर चाँद देखा किये15 comments

विनय wrote 10 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, Reminisce, Moment, तन्हाई, प्यार, याद

चोरी-चोरी तुम मुझको देखती6 comments

विनय wrote 11 months ago: कभी कहीं हम-तुम मिलते, जब मिलते लड़ते-झगड़ते, बिगड़ते-बड़बड़ाते रूठते-मनाते और फिर चिढ़ते-चिढ़ाते कभ … more →

Tags: मेरा गीत, angry, आँखें, इश्क़, चिढ़ना, झगड़ना, दिल, प्यार, फूल

कुछ तो था कुछ तो है12 comments

विनय wrote 11 months ago: कुछ तो था कुछ तो है तेरे-मेरे बीच सजनी वरना तुम यहाँ न आती वरना यादें तेरी न होती यूँ बरस गुज़रते हैं … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ख़ुशी, इश्क़, Love, क़रीब, प्यार, रात, तन्हा

मोहब्बत में1 comment

Rohit Jain wrote 11 months ago: कुछ ऐसे इश्क़ का धोखा मिँया खाया मोहब्बत में पराया जुर्म अपने नाम लिखवाया मोहब्बत में ये मेरा पैर मेर … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Nov 2008, में, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

मैं तुम्हें चाहता हूँ7 comments

विनय wrote 1 year ago: मैं तुम्हें चाहता हूँ यह इक़रार कर पाना बहुत मुश्किल है आकर तुम्हीं मुझसे इज़हारे-इश्क़ का कोई वादा ले … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, इंतिज़ार, चाहत, इज़हार, इक़रार

एक ख़ामोश अफ़साना3 comments

विनय wrote 1 year ago: एक ख़ामोश अफ़साना जो तुम्हारी नज़रों ने सुनाया है मुझे काश! वह तुम अपने लबों से मेरे लबों पर लिखती कभी … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, पल, ख़ामोश, नज़र, अफ़साना

पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे4 comments

विनय wrote 1 year ago: पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे मैंने उसकी नज़र को उसने मुझे, और चाँद रातभर रश्क करता रहा! शायिर: विनय प् … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, पूनम, शाम, नज़र, Moon

हिक़ारत भरी नज़रों से जिसे देखा है दुनिया ने

विनय wrote 1 year ago: हिक़ारत भरी नज़रों से जिसे देखा है दुनिया ने उसको तुम एक नज़र मोहब्बत से देख लेना, वह मुफ़लिस है मगर जीन … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, दुनिया, साँस, नज़र, World, Breath

तुम दुआ करो अपने प्यार के लिए11 comments

विनय wrote 1 year ago: तुम दुआ करो अपने प्यार के लिए मैं दुआ करूँ अपने प्यार के लिए, फिर देखें दुआ किसकी क़बूल होती है! शायि … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, Accept, इश्क़, दुआ, प्यार, क़बूल, Love, Prayer

तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं12 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, time, Reminisce, तन्हाई, प्यार, याद

तुम आये क्यों जब तुम्हें जाना ही था6 comments

विनय wrote 1 year ago: तुम आये क्यों जब तुम्हें जाना ही था मुझसे दूर जाकर मुझे भुलाना ही था बदली-बदली फ़िज़ा में कुछ अपना लगा … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, NEED, Love, मौसम, प्यार, फ़िज़ा, नाम, तस्वीर

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 1 year ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम


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