इश्क़ क्या हमको मारेगा, हम इश्क़ को मारेंगे अब तलक क्या हारे हैं उससे, जो अब हारेंगे जाओ कह दो शायरे-मुक़ाबिल से हम भी मैदाँ में हैं वह क्या कहेगा शे’र, हम ज़बाने-लहू को तराशेंगे शायिर: विनय प्रजापत… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: इश्क़ क्या हमको मारेगा, हम इश्क़ को मारेंगे अब तलक क्या हारे हैं उससे, जो अब हारेंगे जाओ कह दो शायरे-म … more →
विनय wrote 1 year ago: ओ मेरी जूलियट मैं तेरा रोमियो मैंने प्यार किया तुमसे प्यार किया दुनिया से नहीं मैं ख़ुद से डरता हूँ … more →