रचना: कैफ़ी आज़मी स्वर: भूपिन्दर, रफ़ी, तलत महमूद और मन्ना डे होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा ज़हर चुपके से दवा जानके खाया होगा दिल ने ऐसे भी कुछ अफ़साने सुनाए होंगे अश्क़ आँखों ने पिये और न बहाए होंगे बन्… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: कैफ़ी आज़मी स्वर: भूपिन्दर, रफ़ी, तलत महमूद और मन्ना डे होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा ज़हर चुपक … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: गोपालदास ‘नीरज’ स्वर: मोहम्मद रफ़ी उद्धृत: http://hindipoems.wordpress.com/2005/09/ … more →