Blogs about: मौसम
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आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं आहिस्ता-आहिस्ता तुमसे राहें जुड़ने ल… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
मौसम
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Shubhashish Pandey wrote 6 days ago: …Unfortunately a true Love story अजीब सी खामोशी के साथ … more »
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन तुम्ह … more »
मौसम का मिजाज...
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Nitin Bagla wrote 1 month ago: टी वी पर समाचार देख/सुन रहे थे कल। समाच … more »
आँखों में आँसू नहीं आते
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आँखों में आँसू नहीं आते क्योंकि मैं जा … more »
इक दिन तू चली जायेगी
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी कि इक … more »
चुपके से दिल को दिया
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: चुपके से दिल को दिया चुपके से दिल को लि … more »
वह मौसम इक बार
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की … more »
कभी तुम घर आओ ना
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हम … more »
टूटे हुए चाँद को
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: टूटे हुए चाँद को सादे काग़ज़ में लपेटा … more »
ख़ामोशी ही ख़ामोशी है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ख़ामोशी ही ख़ामोशी है अंधेरी रातों मे … more »
माया यह तेरी कैसी माया है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया का … more »
यह मौसम है मस्त-मस्त
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह मौसम है मस्त-मस्त यह आलम है मस्त-मस् … more »
यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे जाये जा … more »
कोई आता है ज़िन्दगी में
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़् … more »
जब पतझड़ के मौसम आते हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुझे देखा तू ही मेरी हमनशीं तुझे चाहा … more »
है दिल मेरा दीवाना तेरा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: है दिल मेरा दीवाना तेरा तू शमअ मेरी मै … more »
दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने द … more »
गुज़रे जो मौसम हैं वह भी आयेंगे
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: गुज़रे जो मौसम हैं वह भी आयेंगे तेरे ना … more »
