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Blogs about: मौसम

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तुम मेरी ज़िंदगी मे3 comments

Nidhi KM wrote 2 weeks ago: मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., गर्मी, ज़िंदगी, ठंडक, तन-मन, तपन, तुम

कलमुंही भैंसों की मौज (व्यंग्य/कार्टून)2 comments

K M Mishra wrote 5 months ago: =>री बहना, थोड़ा तेज पांव चला । तुझे पता नहीं कि कल रात हुयी बारिश से परेड ग्राउंड में एक बड़ा ताला … more →

Tags: hasya -vyangya, हिन्दी हास्य व्यंग्, कार्टून, Humor, Cartoon, Comedy, बारिश, hindi, hasya

उत्तर भारत में सूखे की आशंका (व्यंग्य, कार्टून)1 comment

K M Mishra wrote 5 months ago: =>सखी, इस भीषण गर्मी में चार कोस दूर तालाब से मटकी में पानी भर कर लाते-लाते मेरे पैरों में छाले प … more →

Tags: hasya -vyangya, हिन्दी हास्य व्यंग्, आर्थिक, राष्ट्रीय, बाजार, मीडिया, पर्यावरण, Humor, Cartoon

खाना ख़जाना: भाग - 1 (व्यंग्य/कार्टून)5 comments

K M Mishra wrote 6 months ago: => आइये, आइये तशरीफ लाइये । नोश फरमाइये, मेरे   हाथ का बना हुआ ”शीतल मीठा जल“ । ऐसे बनाएं ”शीतल म … more →

Tags: hasya -vyangya, सामाजिक, बाजार, मीडिया, कार्टून, Humor, Cartoon, स्वास्थ्य, खाना ख़जाना

मौसम की मार (व्यंग्य, कार्टून)3 comments

K M Mishra wrote 7 months ago: आंधी-पानी से उत्तर प्रदेश में 28 की मौत । बिजली के खंभे उखड़ने से बिजली, पानी की किल्लत । जन जीवन प्र … more →

Tags: hasya -vyangya, हिन्दी हास्य व्यंग्, सामाजिक, भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय, प्रदूषण, कार्टून, Humor, Cartoon

ये कैसा मौसम है दोस्‍तो!4 comments

prithvi wrote 8 months ago: ये कैसा मौसम है दोस्‍तो! …. चांद पूरा है. पूरा का पूरा. चमकता हुआ. तड़के पौने पांच बजे छत पर ज … more →

Tags: गांव- गुवाड़, ओलावृष्टि, किसान, खलिहान, चांद, चैत वैशाख, पंजाब, पूर्णिमा, फसल

अबके बरस सावन3 comments

prithvi wrote 11 months ago: अबके बरस सावण चौथी मंजिल की छत पर एक पौधा और कुछ घास उग आई है। कई दिनों बाद छत पर गया तो दोनों वहां … more →

Tags: चौमासा

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 11 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत

तुम आये क्यों जब तुम्हें जाना ही था6 comments

विनय wrote 1 year ago: तुम आये क्यों जब तुम्हें जाना ही था मुझसे दूर जाकर मुझे भुलाना ही था बदली-बदली फ़िज़ा में कुछ अपना लगा … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, NEED, Love, प्यार, फ़िज़ा, नाम, मोहब्बत, तस्वीर

ख़ुशबू बिछायी है राहों में4 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, इश्क़, Heart, Love, Flower, Rose, गुल, दिल

रिमझिम रिमझिम वर्षा आई...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: रिमझिम रिमझिम वर्षा आई, देखो बरखा बाहर आई, हम भीगे तुम भीगे, भीग गया जग सारा, छोटी छोटी बूंदों मे, ब … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, amarjeet singh, प्यार, रिमझिम

इश्क़ सुना है हमने बहुत13 comments

विनय wrote 1 year ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके तो देखें हाए रे हाए, हाए … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, कमबख़्त, कमसिन, ख़ुदा, ख़ुशबू, गिला, गुल, ताज़ा

मौसम8 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago:  …Unfortunately a true Love story   अजीब सी खामोशी के साथ धीमी बरसात है शायद आज फिर से एक लम्ब … more →

Tags: Kavita, Shubhashish, Sher, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, मुक्तक, muqtak

मौसम का मिजाज...7 comments

Nitin Bagla wrote 1 year ago: टी वी पर समाचार देख/सुन रहे थे कल। समाचार वाचक सुन्दरी ने मौसम का हाल बताते हुए , मुस्कुराते हुए अंग … more →

Tags: किसान, मीडिया

वह मौसम इक बार 2 comments

विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, possible, जुदा, दिल, प्यार, फ़िज़ा

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, light, Flower, दिल, प्यार, नाम

माया यह तेरी कैसी माया है

विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →

Tags: मेरा गीत, हुस्न, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, बादल, मोहब्बत

यह मौसम है मस्त-मस्त

विनय wrote 1 year ago: यह मौसम है मस्त-मस्त यह आलम है मस्त-मस्त अम्बर पे छायी काली घटा सावन बरसे कर दे मस्त यह मौसम है मस्त … more →

Tags: मेरा गीत, आलम, इश्क़, Love, सावन, प्यार, मोहब्बत, Crazy, अम्बर

यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे

विनय wrote 1 year ago: यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे जाये जाँ, जाये क्यों न जान ही मगर यह दिल किसी का होना चाहे जबसे मेरी … more →

Tags: मेरा गीत, रंग, इश्क़, Love, दिल, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, नज़र


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