Blogs about: मक़ाम

थकने लगी है मोहब्बत की शाम

विनय wrote 1 year ago: थकने लगी है मोहब्बत की शाम सफ़र के राही को न मिला है मक़ाम बुझने लगी है मोहब्बत की रोशनी रात का राही ह … more →

Tags: मेरा गीत, चाँदनी, तूफ़ान, नफ़रत, बाज़ार, बेवफ़ाई, बेग़ाने, मोहब्बत, रात