Blogs about: यकीन

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खास वर्ग के सुझाये मुद्दों से परे हटे बिना एकता संभव नहीं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: उस दिन अफलातून जी ने अंतर्जाल पर सीधे वार्तालाप के दौरान उन्होंने अपने शैशव ब्लाग का एक पाठ पढ़ने के … more →

Tags: inglish, संपादकीय, Life, media, Internet, Education, online jurnalism, Family, Love

ऐसा कोई सयाना नहीं रहा 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह में इन्तजार करने का ज़माना अब नहीं रहा किसी के दर्द को सहलाकर हम … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, अनुगूँज, कविता, चरित्र, Shayri, Sher, साहित्य

समझो प्रेयसी को ठगता है 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सावन और बसंत के मौसम पर शीतल हवाओं के चलने की बात लिखना अब मजाक लगता है अगर कोई प्रियतम अपने प्रेयसी … more →

Tags: Blogroll, Hindi Poem, Hindi hasya, hindi kavita, Hindi friends, hindi journlism, hindi epatrika, web duniya, web dunia

जमीन की जिन्दगी की हकीकत1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ख्वाहिशें तो जिंदगी में बहुत होतीं हैं पर सभी नहीं होतीं पूरी जो होतीं भी हैं तो अधूरी पर कोई इसलिए … more →

Tags: अनुभूति, ज्ञान, साहित्य, हास्य, हास्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, Blogroll

कौटिल्य का अर्थशास्त्र:अब तो उपेक्षासन भी सीख लें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.शत्रु को अपने से अधिक जानकर उसके बल के कारण उपेक्षा कर स्थिर ही रहता है उसको उपेक्षासन कहते हैं। ज … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

रहीम के दोहे:प्रेम की गली संकरी होती है 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन गली है सांकरी, दूजो न ठहराहिं आपु अहैं तो हरि नहीं, हरि आपुन नाहि संत शिरोमणि रहीम कहते हैं की … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi journlism, Deepak bharatdeep, hindi sahity, hindi jagran, Global Dashboard, Dashboard, hindi culture

सच्चे भक्त बहकावे में नहीं आते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई भी धर्म अपने अनुयायियों के विश्वास के बिना नहीं चल सकता , और उसके मुखिया अपना प्रभुत्व जमाने क … more →

Tags: Vichar, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, Global Dashboard, dharm, कविता, inglish, नज़रिया

अपनों से क्यों होते जा रहे हैं पराए

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आजकल जिसे देखो अपने लोगों-यानी अपने रिश्तेदारों , परिचितों, मित्रों और परिवार -पर यकीन नहीं करता । … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, sanskrati, vividha, inglish, विचार

देवराज इन्द्र ने कहा- चलते रहो, चलते रहो

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, अनुगूँज, Thought

ज्ञान के चिराग कुछ यूँ बेचे जा रहे हैं

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बौद्धिक अँधेरे में ज्ञान के चिराग कुछ यूँ बेचे जा रहे हैं सदियों से अपनी जगह खडे बुत भी लोगों को चल … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी, कविता, दर्द बांटते चलो

आईने में बदहवास दीपक बापू

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: (यह व्यंग्य कविता काल्पनिक है और इसका किसी घटना या व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है) अपने आईने में हमार … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आचरण, इंडिया, कविता, चरित्र, चिन्तन, ताल-बेताल, दृष्टिकोण

शाश्वत प्रेम पर एक कविता-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: न पीडा से न किसी चाहत से न किसी शब्द से वह बहता आता है सहज भाव से अपनी पीडाओं को भुला दो अपनी चाहतों … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, गीत, चरित्र, ताल-बेताल, दृष्टिकोण, प्रतिबिंब, बिंब-प्रतिबिंब

हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होती

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: क्रिकेट,फिल्म,राजनीति और और पत्रकारिता का क्षेत्र समाज में आकर्षण का केंद्र होते हैं । यही नहीं जिन … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आचरण, इंडिया, कविता, गीत, चिन्तन, ताल-बेताल, दर्द बांटते चलो

चिन्तन और ज्ञान

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                 अपनी इच्छाओं और आशाओं की सतत पूर्ती को ही मनुष्य वास्तविक सुख समझता है -उसे लगता है … more →

Tags: Blogroll, hindi, हिन्दी, Global Dashboard, anugoonj, अनुगूँज, sanskrati, inglish, संपादकीय

ज़िन्दगी के बदलते रंग

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: उनके इन्तजार में गुजारे कयी बरस जिन्हें कभी हमारी याद न आयी जब वह आये हमारे घर  उनका बदल रुप देखकर … more →

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पैसा और सुख -एक सस्मरण

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हमारे देश के अनेक महापुरुष कह चुके हैं कि जीवन अपने आप में एक मृग तृष्णा है । और ऐसा नहीं है कि हमा … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, Kavita, sampadkeeya, दृष्टिकोण, Global Dashboard, कविता, inglish

चलना नाम है ज़िन्दगी का

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: थका हुआ शरीर उदास मन सूनी आँखें और कांपती जुबान पूछते है पता वह सुख और ख़ुशी का ओढ़े हैं लिबास स्वार … more →

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आधुनिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक ज्ञान जरूरी

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                     धर्म क्या है यह समझे बिना उसकी आलोचना करना गलत है। मेरे विचार से धर्म की किसी ने … more →

Tags: Blogroll, hindi, writing, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, anugoonj, Thought, aastha

अपने धर्म पर अटल रहना

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: दोस्त हम ऐसा चाहें जो वक्त पर काम आये पर कितना सोचते हैं कि हम दोस्तो के काम आयें ऊपर से लेकर नीचे … more →

Tags: Blogroll, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, glogbal dashborad, Global Dashboard, dharm, कविता, दर्द बांटते चलो


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