मस्ती के आलम में कहां से चली आई एक परीक्षा जिसके लिये मै बिल्कुल तैयार नहीं क्या बताऊं ! मेरा तो बज गया बाजा मै ऊंघ रहा हूं स्वप्न में भी यह परीक्षा है या स्वप्न ? पर यह भाव कि खेला किया और गवांया जीव… more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: मस्ती के आलम में कहां से चली आई एक परीक्षा जिसके लिये मै बिल्कुल तैयार नहीं क्या बताऊं ! मेरा तो बज … more →
Tags: अतुकांत, हिन्द-युग्म, परीक्षा, स्वप्न
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