हम शाम लगभग पाँच बजे जानकीचट्टी पहुँच गए। अति शीतल हवा और बर्फ के नन्हे कणों के समान फुहारों ने हमें स्वागत में दाँत किटकिटाने का अवसर प्रदान किया। हमने गर्म कपड़े तो पहन नहीं रखे थे। बंद गाड़ी में क्या… more →
पसंदप्रेमलता पांडे wrote 8 months ago: हम शाम लगभग पाँच बजे जानकीचट्टी पहुँच गए। अति शीतल हवा और बर्फ के नन्हे कणों के समान फुहारों ने हमें … more →