ये पेड़ झूम-झूम के , कह रहे हैं हमसे कुछ, समझ सको समझ लो तुम, ये पेड़ कह रहे हैं कुछ । ये हँसते हैं, ये रोते है, ये खिलते हैं,ये झरते हैं, इन्हें भी दर्द होता है, जब अपनों से बिछुड़ते हैं । इन्हें भी भूख… more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 5 months ago: ये पेड़ झूम-झूम के , कह रहे हैं हमसे कुछ, समझ सको समझ लो तुम, ये पेड़ कह रहे हैं कुछ । ये हँसते हैं, य … more →