दिवाली पर ९ दिन के लिये घर जाना हुआ। रिजर्वेशन कन्फर्म नही हो पाया था, सो जाते समय तो जनरल डब्बे में बैठ कर गया। बहुत सालों बाद ट्रेन के जनरल डब्बे में बैठने का मौका लगा। हैदराबाद से भोपाल तक का रात भ… more →
इन्द्रधनुषNitin Bagla wrote 8 months ago: दिवाली पर ९ दिन के लिये घर जाना हुआ। रिजर्वेशन कन्फर्म नही हो पाया था, सो जाते समय तो जनरल डब्बे में … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: तेलुगु नव वर्ष (युगादि) पर दोस्तों के साथ श्रीसैलम जाने का मौका मिला जहाँ भारत के बारह ज्योतिर्लिंग … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: हैदराबाद आये दो साल पूरे होने को आये पर आंध्रप्रदेश की कोई जगह देखने का मौका नही मिला था अब तक, सिवा … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: भाग १- काँच की सडकें भाग २- परदेस में खाना-पीना कार्यक्रम इतना टाइट था, कि पेरिस घूमने के लिये लौटत … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: भाग १ से आगे एक ना ‘पीने’ वाले शाकाहारी को परदेस में क्या दिक्कत हो सकती है, कोई मुझसे … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: छुटपन में अपने दोस्तों के बीच की गपबाजी में एक बात बारबार सुनी थी…”पेरिस की सडकें कांच क … more →