Blogs about: यादें

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जब तुम साथ थे..1 comment

ambuj wrote 2 weeks ago: खुबसूरत थे वोह पल जब तुम साथ थे मासूम थे वोह पल जब तुम साथ थे नाज़ था हमे खुद पे जब तुम साथ थे जलते … more →

Tags: कविता, प्यार, Kavita, Poem, जब तुम साथ थे, दिल, दोस्ती, याद, jab tum sath the

गुलामी जैसी आज़ादी-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नजरें फेरकर वह चले जाते हैं। देखने में लगते हैं हमसे बेपरवाह पर हकीकत यह है कि हमारी आंखों में उनको … more →

Tags: दीपक भारतदीप, समाज, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Family, Friends, hasya -vyangya, hindi article, Hindi writing

मन जा बैठा वा चौराहे के बीच 5 comments

प्रेमलता पांडे wrote 4 months ago: हमने होली पर कई जगह पहले भी लिखा है। यहाँ और वहाँ। पर आज मन उड़ चला उस चौराहे पर जहाँ आजकल शाम को सा … more →

Tags: लेख/आलेख, फोटोशॉप और मैं, संस्मरण

यादें बिन आये भी जब6 comments

Rohit Jain wrote 9 months ago: यादें बिन आये भी जब सीने में जलने लगती हैं तस्वीरें रंग बदलती हैं तन्हाई में बोलने लगती हैं तारीकी ऐ … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Sep 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

आपने बंदर पपड़ी खाई है कभी?21 comments

सागर नाहर wrote 1 year ago: कनेर के पीले लम्बे फूलों का मीठा रस चूसने का आनन्द आपने लिया कि नहीं? बचपन में हमारे खाने पीने की ची … more →

Tags: सामान्य, बचपन, बंदर रोटी, बंदर पापड़ी

जब मैं छोटा बच्चा था...3 comments

Nitin Bagla wrote 1 year ago: पिछली पोस्ट में बचपन के कुछ टोटकों/धारणाओं पर लिखा था जिन्हें अब याद करके भी हँसी आती है। टिप्पणियों … more →

Tags: बचपन, Childhood, Childhood Dreams

बचपन की हमारी मान्यताएं17 comments

Nitin Bagla wrote 1 year ago: मान्यता से मतलब संजूबाबा वाली मान्यता से ना लगाइयेगा। मैं बात कर रहा हूं छुटपन की अपने कुछ धारणाओं/व … more →

Tags: बचपन, Childhood, Childhood Dreams

छुपी है वो...... यादें7 comments

Ami Jha wrote 1 year ago: धूप की रोशिनी मे  बागो के फूलो मे चाँद की चाँदनी मे घर की पूजा मे प्राथमिक की परीक्षा मे दशहरे के मे … more →

Tags: रचनाएँ, Yaadein

रोते हैं सब से छिपकर 2 comments

विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →

Tags: मेरा गीत, Love, light, दिल, ख़ुशबू, फ़िज़ा, तूफ़ान, धड़कन, सपना

यह यादें तो ऐसी हैं

विनय wrote 1 year ago: यह यादें तो ऐसी हैं जैसे मेरी परछाईं जब तक अंधेरे में चलते रहे तब तक हम दोनों साथ नहीं जहाँ उजालों क … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, दिल, प्यार, फ़िज़ा

वह कहाँ चले गये

विनय wrote 1 year ago: वह कहाँ चले गये जो कल घर आये थे हमारे थोड़ा-सा और क़रीब हमारे वह कहाँ चले गये जो कल घर आये थे हमारे ब … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, क़रीब, दिल, प्यार, मोहब्बत, तस्वीर, नज़ारें

जगजीत सिंह की हुई वापसी1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: 28 दिसम्बर 2007 कुछ सप्ताह पहले ग़जल सम्राट जगजीत सिंह अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें दिमाग में खून का … more →

Tags: गजल, जगजीत सिंह, Bollywood, Ghazal, ghazal concert, ghazal maestro, Ghazals, jagjit, Jagjit Singh

आइये...सर्दी का स्वागत करते हैं।11 comments

Nitin Bagla wrote 1 year ago: अनामदास अपने चिट्ठे पर योरोप की आसन्न सर्दियों की कंपकंपाहट का अहसास करवा रहे हैं…नीरस, बोझिल, … more →

Tags: मौसम

हैदराबाद: सात पसंदीदा बातें13 comments

Nitin Bagla wrote 1 year ago: मौसम- अप्रेल अंत और मई शुरू को छोड दें…तो पूरा साल मौसम सन्ट रहता है एकदम…खूब सर्राटेदार … more →

Tags: हैदराबाद, चिट्ठा

अजनबी..तुम जाने पहचाने से लगते हो6 comments

Nitin Bagla wrote 2 years ago: कैसा महसूस होता है जब कोई धीरे धीरे इतना करीब आ जाता है कि पता भी नही चलता और वो जिन्दगी का हिस्सा ब … more →

Tags: हैदराबाद, आपबीती

अहमदाबाद ब्लागर भेंटवार्ता (गुजरात प्रवास भाग - ३)9 comments

Nitin Bagla wrote 2 years ago: भुज और सूरत के बाद अपनी अगली मंजिल थी अहमदाबाद । दो बार अहमदाबाद होकर गुजर चुका था, भुज जाते वक्त और … more →

Tags: आपबीती

मेरे जवाब - लाक/फ्रीज़ किये जायें7 comments

Nitin Bagla wrote 2 years ago: सागर जी ने जब थोक में अपने शिकार बनाये थे तो मुझे भी लपेटे मे ले लिया था…८ सवाल पूँछे हैं जबकि … more →

Tags: खास दिन, आपबीती

गुजरात प्रवास - भाग-२5 comments

Nitin Bagla wrote 2 years ago: भुज के बाद अपना अगला पडाव था सूरत । याने गुजरात के पश्चिमी कोने से हमें दक्षिणी छोर की ओर जाना था । … more →

Tags: आपबीती

गुजरात प्रवास (जो याद रहा)9 comments

Nitin Bagla wrote 2 years ago: कच्छ, भारत का पश्चिमी कोना, हिन्दुस्तान का दूसरा सबसे बडा जिला । इसी कच्छ के जिला मुख्यालय भुज में अ … more →

Tags: विचार, आपबीती


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