आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस … more →
तख़लीक़-ए-नज़रK.VERMA wrote 3 weeks ago: मुझको न मिलो तुम , कोई गम नही॥ तुम्हारे पास होने का अहसास , मिलने से कम नही ,, तुम कहीं भी हो हवाएं … more →
प्रवीण wrote 1 month ago: जिंदिगी का हर पल , सदियों में बदल गया, तुम याद आई इतना ! एक बूंद की प्यास में, मैं सागर पी गया, तुम … more →
Rohit Jain wrote 1 month ago: वो बहुत याद आए भुलाने के बाद आग बुझती नहीं है ज़माने के बाद और इस से बड़ी कोई मुश्किल नहीं ज़िंदगी ब … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: बारीशों मे भीगे जो, बादल से बरसे जो, कारण से धड़के जो, यादों मे रोए जो, वो मेरा दिल नही होगा… … more →
ambuj wrote 5 months ago: खुबसूरत थे वोह पल जब तुम साथ थे मासूम थे वोह पल जब तुम साथ थे नाज़ था हमे खुद पे जब तुम साथ थे जलते … more →
प्रवीण wrote 5 months ago: Baltic Sea, Slussen, Stockholm उनको अच्छा लगता है, मेरा गुन गुनाना… मेरा लिखना … क्या लि … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: कमरों में बंद दौलत लूटकर लुटेरे जा सके यहां से कितनी दूर। उसकी चकाचैंध में रौशनी खो बैठे उनके नूर। अ … more →
विनय wrote 7 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →
विनय wrote 11 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →
विनय wrote 11 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →
विनय wrote 1 year ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →
sushilgirdher wrote 1 year ago: हम अपने आप से कुछ यूं बदला लेते हैं हमपे सितम करने वाले को भी दुआ देते हैं। यूं तो हमें हंसने का भी … more →
sushilgirdher wrote 1 year ago: ए जालिम वफा न सही बेवफाई तो निभा पिला दे जहर मगर प्यार से पिला। साथ ताउम्र न दो तो कोइ शिकवा नहीं पर … more →
विनय wrote 1 year ago: यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको तेरे सिवा कुछ होश नहीं है मुझको ना जाने कितने अजनबी गुज़रे हैं मेर … more →
विनय wrote 1 year ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →
sushilgirdher wrote 1 year ago: तेरी यादों को समेटकर रखें भी तो कहां दामन तो पहले ही शिकवों से भरा है। … more →
sushilgirdher wrote 1 year ago: एक ही सफर में थक कर रुका हूं पूरे तेंतीस पडावों पर…..। उतावलेपन में कहीं भी ठहर कर नहीं देखा क … more →
विनय wrote 1 year ago: जाने कैसी तन्हाई रहती है महफ़िले-यार में दिल में अब भी साँस लेते हैं वह पुराने नाम तुमने मुझे भुलाके … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: कल फिर न सो सका तेरी याद में, आज फिर न जाग सका तेरी याद से, इन अश्को ने याद किया हर पल, एक पल भी न र … more →