आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस … more →
तख़लीक़-ए-नज़रambuj wrote 2 weeks ago: खुबसूरत थे वोह पल जब तुम साथ थे मासूम थे वोह पल जब तुम साथ थे नाज़ था हमे खुद पे जब तुम साथ थे जलते … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कमरों में बंद दौलत लूटकर लुटेरे जा सके यहां से कितनी दूर। उसकी चकाचैंध में रौशनी खो बैठे उनके नूर। अ … more →
विनय wrote 2 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →
विनय wrote 6 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →
विनय wrote 6 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →
विनय wrote 7 months ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →
sushilgirdher wrote 9 months ago: हम अपने आप से कुछ यूं बदला लेते हैं हमपे सितम करने वाले को भी दुआ देते हैं। यूं तो हमें हंसने का भी … more →
sushilgirdher wrote 9 months ago: ए जालिम वफा न सही बेवफाई तो निभा पिला दे जहर मगर प्यार से पिला। साथ ताउम्र न दो तो कोइ शिकवा नहीं प … more →
विनय wrote 9 months ago: यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको तेरे सिवा कुछ होश नहीं है मुझको ना जाने कितने अजनबी गुज़रे हैं मेर … more →
विनय wrote 10 months ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →
sushilgirdher wrote 10 months ago: तेरी यादों को समेटकर रखें भी तो कहां दामन तो पहले ही शिकवों से भरा है। … more →
sushilgirdher wrote 10 months ago: एक ही सफर में थक कर रुका हूं पूरे तेंतीस पडावों पर…..। उतावलेपन में कहीं भी ठहर कर नहीं देखा क … more →
विनय wrote 11 months ago: जाने कैसी तन्हाई रहती है महफ़िले-यार में दिल में अब भी साँस लेते हैं वह पुराने नाम तुमने मुझे भुलाके … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: कल फिर न सो सका तेरी याद में, आज फिर न जाग सका तेरी याद से, इन अश्को ने याद किया हर पल, एक पल भी न र … more →
अजीत कुमार मिश्रा wrote 1 year ago: तोड़कर क्राकरी जब महरी आँख दिखाती है काम छोड़ने को कह कर धमकाती है। चाय में नमक और सब्जी में चीनी पड … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक पल सुखी एक पल दुखी, दो घड़ी कुछ इस तरह बीत चली, ज़िंदगी जैसे मुझसे रूठ चली, एक पल अपना एक पल पराया … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दर्द-ऐ-दिल ने उसे याद किया है फिर एक बार, दिल के अरमानों का खून किया है फिर एक बार, दर्द-ऐ-दिल ने उस … more →
विनय wrote 1 year ago: कैसी फ़रियाद, कैसा नाला हम क़ैसो-फ़रहाद नहीं हम हैं ख़ुदा से, ख़ुदा हमसे सिवाय इसके कुछ याद नहीं शायिर: … more →
विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →