Blogs about: याद
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धुँधलियाँ
धुँधलियाँ-धुँधलियाँ तेरी यादों की धुँधलियाँ छायी हैं ज़हन पर तेरी बातों की ब… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
धुँधलियाँ
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विनय प्रजापति wrote 1 week ago: धुँधलियाँ-धुँधलियाँ तेरी यादों की धु … more »
शाम है और मैं हूँ, तुम क्यों नहीं
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: शाम है और मैं हूँ, तुम क्यों नहीं, क्यों … more »
आँखों में आँसू नहीं आते
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आँखों में आँसू नहीं आते क्योंकि मैं जा … more »
कैसी फ़रियाद कैसा नाला
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: कैसी फ़रियाद, कैसा नाला हम क़ैसो-फ़रहाद न … more »
इक दिन तू चली जायेगी
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी कि इक … more »
हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों स … more »
यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: यह रात पहाड़ जैसी है कैसे काटे कोई यह फ़ … more »
वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस … more »
जब आसमाँ पे यह हिलाल आया
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जब आसमाँ पे यह हिलाल आया मुझे याद तुमस … more »
शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे … more »
यह कैसा लम्हा है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पल … more »
तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी स … more »
तन्हाई मिटाने दो
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तन्हाई मिटाने दो किस्से सुनाने दो सुब … more »
दुख के चेहरे पर लकीरें याद की
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Rohit Jain wrote 2 months ago: दुख के चेहरे पर लकीरें याद की सुन रहा ह … more »
बिछड़ के रहना सीख लिया है
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क … more »
तेरी चुप निगाहें
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे … more »
हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों स … more »
याद आती हैं फिर वह तारीख़ें
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: याद आती हैं फिर वह तारीख़ें मेरा करना … more »
जब से भूल जाना चाहा तुमको
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भ … more »
