आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 8 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →
विनय wrote 9 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →
विनय wrote 11 months ago: झोंके हवा के उसका रूख़सार चूमते हैं फूल उसकी आँखों को देख यार झूमते हैं तेरे हुस्नो-शबाब के बारे क्य … more →
विनय wrote 1 year ago: जाने कैसी तन्हाई रहती है महफ़िले-यार में दिल में अब भी साँस लेते हैं वह पुराने नाम तुमने मुझे भुलाके … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल ने कहा उसे सब कह दे, गम-ऐ-दिल यार को कह दे, राज़-ऐ-दिल न यार से छुपा, दावा न सही यार दुआ तो देगा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश, चाँद तारे सबको भेजा यार के पास, चाँद तारो की छाव में प्यारी नींद आए, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: खो गया चाँद मेरा कही, ढूँढ कर लाये उसे मेरे पास कोई, वो बहुत शर्मीला है मगर, मेरे यार जितना शर्मीला … more →
विनय wrote 1 year ago: एक दोस्त मेरा भी हो एक यार मेरा भी हो जिसकी बाँहों में मुझे मिल जाये ज़िन्दगी जो झूठ-मूठ रूठ के सताये … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल के कब्रिस्तान मे एक कब्र बनाई है, एक कब्र मेरे दिल की, एक दिलदार की, एक प्यार की, एक यार की, एक … more →
विनय wrote 1 year ago: सिफ़र को टोह लेते हैं दिले-यार में अपनी भी दीवानगी कुछ कम नहीं मैं और वह, दोनों कभी दोस्त थे! सिफ़र= श … more →
विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →
विनय wrote 1 year ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली- … more →
विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे प्यार होता है होते-होते इक़रार होता है जब हम भी हैं यहाँ तो जब वह भी हैं यहाँ तो जब हम भी ह … more →
विनय wrote 1 year ago: ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको बड़े दिन हुए कोई रुलाये मुझको अपना अब कहूँ किसे कोई नहीं मेरा ख़ुशी … more →
Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 2 years ago: यार तुम्हारे साथ, जीवन है आनन्द भरा, धरती और अम्बर में फैला, रंग जैसे हरा । कोई छोटा-बड़ा नहीं, न कुछ … more →