अजन्मी भ्रूणी बेटी को यूँ न मिटाईए। मुझे मारर्ने से पहले कुछ तो विचारिए॥ बेटी का प्यार है अपार माँ-बाप के लिए, राखी के तन्तुओं से बंधा प्यार भाई के लिए। हर रिश्ते की धुरी में बेटी को पाईए। संतुलन बि… more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 1 year ago: अजन्मी भ्रूणी बेटी को यूँ न मिटाईए। मुझे मारर्ने से पहले कुछ तो विचारिए॥ बेटी का प्यार है अपार माँ … more →