दिल ये सोचता है किसी पल होगा वो बेवफ़ा भी मेरे लिये बेकल होगा ग़र मेरी आँखों में बरसातें हैं उसके दिल में भी कोई बादल होगा हमने सोचा था इश्क़ एक बार है किसे खबर थी ये ग़म मुसलसल होगा आज तो हमने रोक ली है … more →
इक शायर अंजाना सा...wrote 1 year ago: दिल ये सोचता है किसी पल होगा वो बेवफ़ा भी मेरे लिये बेकल होगा ग़र मेरी आँखों में बरसातें हैं उसके दिल … more →
wrote 1 year ago: वो नहीं क़ातिल ये तो खंजर की ख़ता थी वो कहाँ बदले मेरी नज़र की ख़ता थी उस ही की दीवारें ज़रा मजबूत नहीं थ … more →