दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इस प्रथ्वी पर जीवन अपनी सहज धारा से बहता जाता है। अनेक आपदायें इस प्रथ्वी पर आती हैं पर फिर सब कुछ स … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब हमें यह लगे कि हम किसी विषय में पारंगत हो गये हैं तब यह समझना चाहिए कि हम पर अहंकार का हमला हो गय … more →