यक़ीनन तुम्हारे हुस्न पे लाखों मरते होंगे मगर जो तुम पर मिट गया वह ‘नज़र’ ह… more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: यक़ीनन तुम्हारे हुस्न पे लाखों मरते हो … more →
Tags: मेरी त्रिवेणी, हुस्न, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, इन्तिहाँ, Beauty, End
Follow this tag via RSS