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Blogs about: यक़ीनन

यक़ीनन तुम्हारे हुस्न पे लाखों मरते होंगे2 comments

विनय wrote 1 year ago: यक़ीनन तुम्हारे हुस्न पे लाखों मरते होंगे मगर जो तुम पर मिट गया वह ‘नज़र’ है मेरी इब्तिदा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हुस्न, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, इन्तिहाँ, Beauty, End