विनय wrote 1 year ago: दिल, मिलें कैसे कोई तो रास्ता दे क़ुछ यक़ीन ख़ुद पर रहे ऐसा ज़माने को वास्ता दे मैंने सपनों में सजायी ज … more →
विनय wrote 1 year ago: मुझे तुमसे मिलके मुकम्मिल होने का वक़्त है एक सूखा हुआ दरया हूँ जिसको घटा की प्यास है –x– … more →