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Blogs about: रचनाएँ

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अभी अभी जन्मा है कवि

Ami Jha wrote 1 year ago: आ बचवा , चल चीलम लगा दे ! रात भई, जी अकुलाता है कैसा तो होता जाता है उ ससुरा रामदस्वा सरवा अब तक राम … more →

Tags: Hajipur, अभी अभी जन्मा है कवि, राकेश रंजन, कवि, Add new tag, Hindi Poetry, rakesh ranjan

चाय का स्वाद6 comments

Ami Jha wrote 1 year ago: वो चाय  तुम्हारे हाथो से बनी जिसकी चुस्की से खुलती थी मेरी आँखें  और शुरू होता था मेरा दिन जीवंत है  … more →

Tags: talk

मंगल-मंगल

Ami Jha wrote 1 year ago: धड़क-धड़क  धड़के है जिया मेरा  घूमड़-घूमड़  उड़े हैं मन मेरा मंगल-मंगल हैं सब आस पास क्यूंकी,  हो तु … more →

Tags: रतिया, मंगल

**Celebrating International Women`s Day2 comments

Ami Jha wrote 1 year ago:   (pic source: flickr) तू ही प्रथम, तू ही जगजानी तू ही प्रतक्ष प्रेरणारुपणी  तू ही शक्ति, तू ही सहार … more →

Tags: women's day, Celebrating, woman

छुपी है वो...... यादें7 comments

Ami Jha wrote 1 year ago: धूप की रोशिनी मे  बागो के फूलो मे चाँद की चाँदनी मे घर की पूजा मे प्राथमिक की परीक्षा मे दशहरे के मे … more →

Tags: Yaadein, यादें

दादी की मीठी चिज्जी — दीपिका जोशी 1 comment

Ami Jha wrote 2 years ago: दादी की मीठी चिज्जी —दीपिका जोशी एक दिन मुंबई के लोकल ट्रेन में सफ़र कर रही थी। दोपहर का समय था इसलि … more →

**प्यारा-सा वसंत** 1 comment

Ami Jha wrote 2 years ago: सुबह की प्यारी धूप,     और हल्की हल्की ठंड | चारों ओर हरयाली, और पीले पीले रंग | शरद से गृष्म ऋतु के … more →

पल1 comment

Ami Jha wrote 3 years ago: हो दूर तुम मुझसे, लेकिन ख्यालो में हो पास  | हर पल है मुझे, उन बीते हुए हर पल का एह्सास || कभी किसी … more →

I don't know why...2 comments

Ami Jha wrote 3 years ago: …Don’t Know why I Don’t know why…Why in a scary night and in a heavy rain … more →

िख्डकी 2 comments

Ami Jha wrote 3 years ago: Arzz Hai िख्डकी से देखा, तो बाह्र सड्क पर कोई नही था | बाह्र सड्क पे जा कर िख्डकी को देखा तो सच मे क … more →


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