आ बचवा , चल चीलम लगा दे ! रात भई, जी अकुलाता है कैसा तो होता जाता है उ ससुरा रामदस्वा सरवा अब तक रामचरित गाता है रामदस्वा जल्दी सो जाए ऐसा कोई ईलम लगा दे आ बचवा, अंडरवा आजा होल से जर दे दरवाजा राम-झरो… more →
See through my eyesAmi Jha wrote 1 year ago: आ बचवा , चल चीलम लगा दे ! रात भई, जी अकुलाता है कैसा तो होता जाता है उ ससुरा रामदस्वा सरवा अब तक राम … more →
Ami Jha wrote 1 year ago: वो चाय तुम्हारे हाथो से बनी जिसकी चुस्की से खुलती थी मेरी आँखें और शुरू होता था मेरा दिन जीवंत है … more →
Ami Jha wrote 1 year ago: धड़क-धड़क धड़के है जिया मेरा घूमड़-घूमड़ उड़े हैं मन मेरा मंगल-मंगल हैं सब आस पास क्यूंकी, हो तु … more →
Ami Jha wrote 1 year ago: (pic source: flickr) तू ही प्रथम, तू ही जगजानी तू ही प्रतक्ष प्रेरणारुपणी तू ही शक्ति, तू ही सहार … more →
Ami Jha wrote 1 year ago: धूप की रोशिनी मे बागो के फूलो मे चाँद की चाँदनी मे घर की पूजा मे प्राथमिक की परीक्षा मे दशहरे के मे … more →
Ami Jha wrote 2 years ago: दादी की मीठी चिज्जी —दीपिका जोशी एक दिन मुंबई के लोकल ट्रेन में सफ़र कर रही थी। दोपहर का समय था इसलि … more →
Ami Jha wrote 2 years ago: सुबह की प्यारी धूप, और हल्की हल्की ठंड | चारों ओर हरयाली, और पीले पीले रंग | शरद से गृष्म ऋतु के … more →
Ami Jha wrote 3 years ago: हो दूर तुम मुझसे, लेकिन ख्यालो में हो पास | हर पल है मुझे, उन बीते हुए हर पल का एह्सास || कभी किसी … more →
Ami Jha wrote 3 years ago: …Don’t Know why I Don’t know why…Why in a scary night and in a heavy rain … more →
Ami Jha wrote 3 years ago: Arzz Hai िख्डकी से देखा, तो बाह्र सड्क पर कोई नही था | बाह्र सड्क पे जा कर िख्डकी को देखा तो सच मे क … more →