कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उदास चेहरा उस, अजनबी फ़रिश्ते से देखा नही जाता किसी कि भी आँखों में आंसू देख ,मदद को दोडा वो आता है ह… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 6 months ago: कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उद … more →
विनय wrote 1 year ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना बस इतना जाना प्यार में तेरे मैं हो गया दीवाना पहली नज़र में होश … more →
विनय wrote 1 year ago: तुमको लौट के यहीं आना है (यहीं आना है) तुम मानो या न मानो मेरा दिल तेरा आशियाना है (आशियाना है) तुम … more →
विनय wrote 1 year ago: तू एक बार देख ले पीछे मुड़के हम हैं वहीं जहाँ थे कभी अकेले ऐसा यह क्या हो गया अन्जाने दिल मेरा क्यों … more →