मीठी-मीठी बातें वह शबनमी रातें सब याद हैं हमें वह रस्ते वह रिश्ते जो हमने क़ायम किये थे वादे जो हमने किये थे सब वैसे के वैसे हैं कल के जैसे- सब कुछ आज है हम तो चले तेरी डगर कुछ यादें लिए कुछ वादे लिए म… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मीठी-मीठी बातें वह शबनमी रातें सब याद हैं हमें वह रस्ते वह रिश्ते जो हमने क़ायम किये थे वादे जो हमने … more →