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तेरे चेहरे पर अपनी नज़र ढूँढ़ते हैं

विनय wrote 1 year ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अपनी दुआ में असर ढूँढ़ते हैं तुम देखकर हँसते हो मुझे और हम तेर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, असर, इश्क़, कोहरा, गली, चाहत, दुआ, धूप, नगर