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Blogs about: रहीम

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रहीम दास के दोहे-बुराई का नतीजा सामने जरूर आता है

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: रहिमन खोटी आदि की, सो परिनाम लखाय जैसे दीपक तम भखै, कज्जल वमन कराय कविवर रहीम कहते हैं कि बुराई होने … more →

Tags: हिन्दी, jagran, Internet, India, सन्देश, अनुभूति, Deepak bharatdeep, web dunia, web duniya

रहीम संदेश: समय ख़राब हो तो कटु वचन सुनने पड़ते हैं1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: समय परे ओछे बचन, सब के सहे रहीम सभा दुसासन पट गहे, गदा लिए रहे भीम कविवर रहीम कहते हैं कि बुरा समय आ … more →

Tags: आलेख, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Dashboard, adhyatm, संस्कार, सन्देश, समाज, हिन्दू

रहीम के दोहे:राम का नाम जपने वालों को विषय नहीं घेरते

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय कविवर रहीम कहते है कि भगवान … more →

Tags: भगवान, भगवान श्रीराम, श्रीराम, समाज, bhagvan shri ram, bharat, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Education

रहीम सन्देश: प्रेम और सम्मान में धीरे धीरे होती है बढोतरी

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: रहिमन अति न कीजिए, गहि रहिए निज कानि सैंजन अति फूलै तऊ, डार पात की हानि कविवर रहीम कहते हैं कि कभी भ … more →

Tags: Blogroll, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, India, bharat, hindu dharm, hindi duniya, web duniya

रहीम संदेशः याचना करने से सभी कुछ नहीं मिल जाता

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: रहिमन चाक कुम्हार को, मांगे दिया ना देह छेद में डंडा डारि कै, चहै नांद लै लेइ कविवर रहीम कह्ते हैं क … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, समाज, हिंदी पत्रिका, bharat, Blogroll, Deepak bharatdeep, Family

रहीम संदेशःहंस के समान मानसिक रूप से दृढ़ होना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, दृष्टिकोण, प्रचार, हिंदी, Dashboard, Deepak bharatdeep, Family

रहीम के दोहे:चतुर को चूकने की कसक होती हैं .1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन कुटिल कुठार ज्यों, करि डारत द्वै टूक चतुरन के कसक्त रहे समय चूक की हूक कविवर रहीम कहते हैं की … more →

Tags: Blogroll, bharat, hindi duniya, rahim, hindi astha, hindi gyan, web dunia, hindi bhasha, Hindi Blogging

रहीम के दोहे:मांगने से सम्मान कम होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जानि अनीती जे करैं, जागत ही रह सोई। ताहि सिखाई जगाईबो, उचित न होई ॥ अर्थ-समझ-बूझकर भी जो व्यक्ति अन् … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, alekh, Anubhuti, अध्यात्म, आलेख, चिंतन, दोहे, धर्म

रहीम के दोहे:जागते हुए अनीति करे उसे शिक्षा देना अनुचित

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जलहिं मिले रहीम ज्यों किल्यो आप सम छीर अंगवहि आपुहि त्यों, सकल आंच की भीर कविवर रहीम का कहाँ है की ज … more →

Tags: कला, संस्कार, समाज, साहित्य, हिन्दी, Blogroll, Deepak bharatdeep, E-patrika, Friends

रहीम के दोहे-किसी के घर जाने से महिमा कम होती है1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कौन बडाई जलधि मिली, गंग नाम भी धीम केहि की प्रभुता नहिं घटी, पर घर गए रहीम कविवर रहीम कहते हैं कि सम … more →

Tags: Hindu culture, hindi life, hindi megzine, rahim, web dunia, hindi yog, web bhasakar, हिंदी पत्रिका, समाज

रहीम के दोहे:जहाँ उम्मीद हो वहीं जाएं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: तासौं ही कछु पाइए, कीजै जाकी आस रीते सरवर पर गए, कैसें बुझे पियास कवि रहीम कहते हैं कि उसी व्यक्ति क … more →

Tags: arebic, कला, दीपक भारतदीप, सत्संग, समाज, साहित्य, हिंदी कहानी, हिंदी साहित्य, bharat

रहीम के दोहे:ह्रदय कुएँ से अधिक गहरा नहीं होता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन थोरे दिनन को, कौन करे मुहँ स्याह नहीं छलन को परतिया, नहीं कारन को ब्याह कवि रहीम कहते हैं कि क … more →

Tags: hindi Personal, Hindi Education, Hindi friends, Hindi writing, Hindu darshan, hindi bharat, hindu dharm, web duniya, hindi vichar

रहीम के दोहे:सूखा तालाब किसी की प्यास नहीं बुझाता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: तासौं ही कछु पाइए, कीजै जाकी आस रीते सरवर पर गए, कैसें बुझे पियास कवि रहीम कहते हैं कि उसी व्यक्ति क … more →

Tags: अध्यात्म, कला, समाज, साहित्य, हिन्दी, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep, E-patrika

रहीम के दोहे:बैर,प्रेम और यश कोई साथ लेकर पैदा नहीं होता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: यह रहीम निज संग लै, जनमत जगत न कोय बैर, प्रीति, अभ्यास, जस, होत होत ही होय कविवर रहीम कहते हैं की पर … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, आध्यातम, आलेख, कला, दीपक भारतदीप, धर्म, भक्ति, भारत

रहीम के दोहे:सच्चा मित्र दही की तरह निभाता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मथत मथत माखन रही, दही मही बिलगाव रहिमन सोई मीत हैं, भीर परे ठहराय कविवर रहीम कहते हैं कि जब दही को ल … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, आलेख, आस्था, कला, ज्ञान, संस्कार, समाज, हिन्दी

रहीम के दोहे:सुख में अंहकार दु:ख में कुंठा न पालें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब लगि जीवन जगत में, सुख दुख मिलन अगोट रहिमन फूटें गोट ज्यों, परत दुहुन सुर चोट कविवर रहीम कहते हैं … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, आध्यातम, आलेख, कला, दीपक भारतदीप, धर्म, भक्ति, भारत

रहीम के दोहे:अति कदापि न कीजिए 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन अति न कीजिए, गहि रहिये निज कानि सैजन अति फूले तऊ, दार पात की हानि अर्थ-कवि रहीम कहते हैं कि कि … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, आलेख, ज्ञान, संस्कार, साहित्य, Blogroll, Dashboard, Deepak bharatdeep

रहीम के दोहे:संसार के बड़प्पन को कोई नहीं देख सकता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन जगत बडाई की, कूकुर की पहिचानि प्रीती करे मुख छाती, बैर करे तन हानि कविवर रहीम कहते हैं की अपनी … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, ज्ञान, साहित्य, हास्य, हिन्दी, Blogroll, Deepak bharatdeep

रहीम

संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago:   अब्दुर्रहीम खान खाना – संक्षिप्त परिचय नवाब अब्दुर्रहीम खान खाना मध्यकालीन भारत के कुशल राजन … more →


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