Blogs about: रहीम
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रहीम के दोहे:जागते हुए अनीति करे उसे शिक्षा देना अनुचित
जलहिं मिले रहीम ज्यों किल्यो आप सम छीर अंगवहि आपुहि त्यों, सकल आंच की भीर कवि… more »
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिका
रहीम के दोहे:चतुर को चूकने की कसक होती हैं .
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: रहिमन कुटिल कुठार ज्यों, करि डारत द्वै … more »
रहीम के दोहे:मांगने से सम्मान कम होता है
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: जानि अनीती जे करैं, जागत ही रह सोई। ताह … more »
रहीम के दोहे:जागते हुए अनीति करे उसे शिक्षा देना अनुचित
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: जलहिं मिले रहीम ज्यों किल्यो आप सम छीर … more »
रहीम के दोहे-किसी के घर जाने से महिमा कम होती है
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कौन बडाई जलधि मिली, गंग नाम भी धीम केहि … more »
रहीम के दोहे:जहाँ उम्मीद हो वहीं जाएं
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: तासौं ही कछु पाइए, कीजै जाकी आस रीते सर … more »
रहीम के दोहे:ह्रदय कुएँ से अधिक गहरा नहीं होता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन थोरे दिनन को, कौन करे मुहँ स्याह … more »
रहीम के दोहे:सूखा तालाब किसी की प्यास नहीं बुझाता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: तासौं ही कछु पाइए, कीजै जाकी आस रीते सर … more »
रहीम के दोहे:नये दिल वाले मानते नहीं
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: यह रहीम मानै नहीं, दिल से नया होय चीता, … more »
रहीम के दोहे:बैर,प्रेम और यश कोई साथ लेकर पैदा नहीं होता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: यह रहीम निज संग लै, जनमत जगत न कोय बैर, प … more »
रहीम के दोहे:सच्चा मित्र दही की तरह निभाता है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: मथत मथत माखन रही, दही मही बिलगाव रहिमन … more »
रहीम के दोहे:सुख में अंहकार दु:ख में कुंठा न पालें
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जब लगि जीवन जगत में, सुख दुख मिलन अगोट र … more »
रहीम के दोहे:दृढ़ चरित्र हो तो कुसंगति भी नहीं बिगाड़ सकती
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसं … more »
रहीम के दोहे:नियम से काम करना पशु-पक्षियों से सीखें
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: रहिमन बहु भेषज करत, व्याधि न छांडत साथ … more »
रहीम के दोहे:अति कदापि न कीजिए
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: रहिमन अति न कीजिए, गहि रहिये निज कानि स … more »
रहीम के दोहे:संसार के बड़प्पन को कोई नहीं देख सकता
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: रहिमन जगत बडाई की, कूकुर की पहिचानि प् … more »
रहीम के दोहे:घोडा कभी वजीर नहीं बन सकता
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: रहिमन वे नर मर चुके जे कहूं मांगन जाहि … more »
रहीम के दोहे:अपशब्द बोले जीभ, मार खाए सिर
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: रहिमन जिह्म बावरी, कही गइ सरग पाताल आप … more »
रहीम के दोहे:प्रेम की गली संकरी होती है
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: रहिमन गली है सांकरी, दूजो न ठहराहिं आप … more »
