श्री लछमन कुल चंद उदित जग उद्योतकारी। मात इलम्मा विमलराका उडुगन निजजन समाज पोषत पीयूष वचन हरियस उजियारी॥१॥ करुनामय निष्कलंक मायावाद तिमिर हरन सकल कला पूरन मन द्विजवपुधारी। बलि बलि बलि माधोदास चरन कमल … more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: श्री लछमन कुल चंद उदित जग उद्योतकारी। मात इलम्मा विमलराका उडुगन निजजन समाज पोषत पीयूष वचन हरियस उजिय … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: प्रिय तेरी चितवन ही में टोना । तन मन धन बिसर्यो जब ही तें, देख्यो स्याम सलोना ॥१॥ ढिंग रहबे कु होत व … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: मेरे तो गिरिधर ही गुणगान। यह मूरत खेलत नयनन में , यही हृदय में ध्यान ॥१॥ चरण रेणु चाहत मन मेरो, यही … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: प्रिय तोहि नयनन ही में राखूं। तेरी एक रोम की छबि पर जगत वार सब नाखूं ॥१॥ भेटों सकल अंग सांबल कुं, अध … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: श्री यमुना को नाम तेईजू लेहे । जाकी लगन लगी नंदलाल सों सर्वस्व देके निकट रहे हैं ॥१॥ जिनही सुगम जानि … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: श्री यमुने के नाम अघ दूर भाजे । जिनके गुन सुनन को लाल गिरिधरन पिय, आय सन्मुख ताके विराजे ॥१॥ तिहिं छ … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: ३४. ऐसी कृपा कीजिये लोजिये नाम । श्री यमुने जग वन्दिनी गुण न जात काहु गिनी, जिनके ऐसे धनी सुन्दर श्य … more →