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Blogs about: राग देवगंधार

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जब तें वल्लभ भूतल प्रगट भये1 comment

pushtimarg wrote 1 year ago: जब तें वल्लभ भूतल प्रगट भये। वदन सुधानिधि निरखत प्रभु कौ सब दूर गये॥१॥ श्री लछमन वंस उजागर सागर भक्त … more →

Tags: महाप्रभु जी का उत्सव, महाप्रभू जी की बधाई, सगुनदास जी

वल्लभ भूतल प्रगट भये

pushtimarg wrote 1 year ago: वल्लभ भूतल प्रगट भये। माधव मास कृष्ण एकादशी पूरन विधु उदये॥१॥ पुत्र जन्म सुन श्री लछमन भट बहु विधि द … more →

Tags: महाप्रभु जी का उत्सव, महाप्रभू जी की बधाई, विष्णुदास जी

प्रगट भये श्री वल्लभ पुरुषोत्तम

pushtimarg wrote 1 year ago: आज जगती पर जयजय जार। प्रगट भये श्री वल्लभ पुरुषोत्तम बदन अग्नि अवतार॥१॥ धन्य दिन माधव मास एकादसी कृष … more →

Tags: गिरिधर जी, महाप्रभु जी का उत्सव, महाप्रभू जी की बधाई

नौमी चैत की उजियारी

pushtimarg wrote 1 year ago: नौमी चैत की उजियारी। दसरथ के गृह जनम लियौ है मुदित अयोध्या नारी॥१॥ राम लच्छमन भरत सत्रुहन भूतल प्रगट … more →

Tags: रामनवमी के पद, तुलसीदास जी, पंचामृत समय में

रंचक चाखन देरी दह्यो

pushtimarg wrote 2 years ago: रंचक चाखन देरी दह्यो। अद्भुत स्वाद श्रवन सुनि मोपे नाहित परत रह्यो॥१॥ ज्यों ज्यों कर अंबुज उर ढांकत … more →

Tags: परमानंददास जी, दान के पद

मोहन केसे हो तुम दानी

pushtimarg wrote 2 years ago: मोहन केसे हो तुम दानी। सूधे रहो गहो अपनी पति तुमारे जिय की जानी॥१॥ हम गूजरि गमारि नारि हे तुम हो सार … more →

Tags: सूरदास जी, दान के पद

मोहन मांगत गोरस दान

pushtimarg wrote 2 years ago: मोहन मांगत गोरस दान। कनक लकुट कर लसत सुभग अति कही न जात यह बान॥२॥ अति कमनीय कनक तन सुंदरी हसि परसत प … more →

Tags: दान के पद

हमारो दान देहो गुजरेटी

pushtimarg wrote 2 years ago: हमारो दान देहो गुजरेटी। बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यो आज अचानक भेटी॥१॥ अति सतरात कहा धों करेगी बडे गोप क … more →

Tags: कुंभनदास जी, दान के पद

श्री लक्ष्मण घर बाजत आज बधाई ।

pushtimarg wrote 2 years ago: श्री लक्ष्मण घर बाजत आज बधाई । पूरण ब्रह्म प्रकटे पुरुषोत्तम श्री वल्लभ सुखदाई ॥१॥ नाचत वृद्ध तरुण औ … more →

Tags: नंददास जी, महाप्रभू जी की बधाई

डोल माई झूलत हैं ब्रजनाथ ।

pushtimarg wrote 2 years ago: डोल माई झूलत हैं ब्रजनाथ । संग शिभित वृषभान नंदिनी ललिता विशाखा साथ ॥१॥ वाजत ताल मृदंग झांझ डफ रुंज … more →

Tags: परमानंददास जी, डोल के पद

मनमोहन अद्भुत डोल बनी

pushtimarg wrote 2 years ago: मनमोहन अद्भुत डोल बनी । तुम झूलो हों हरख झुलाऊं वृंदावन चंदधनी ॥१॥ परम विचित्र रच्यो विश्वकर्मा हीरा … more →

Tags: चतुर्भुज दास जी, डोल के पद


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