जब तें वल्लभ भूतल प्रगट भये। वदन सुधानिधि निरखत प्रभु कौ सब दूर गये॥१॥ श्री लछमन वंस उजागर सागर भक्ति वेद सब फिर जुटये। मायावाद सब खंड खंडन करि अति आनंद भये॥२॥ गिरिधर लीला विस्तारन कारन दिन दिन केलि र… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: जब तें वल्लभ भूतल प्रगट भये। वदन सुधानिधि निरखत प्रभु कौ सब दूर गये॥१॥ श्री लछमन वंस उजागर सागर भक्त … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: वल्लभ भूतल प्रगट भये। माधव मास कृष्ण एकादशी पूरन विधु उदये॥१॥ पुत्र जन्म सुन श्री लछमन भट बहु विधि द … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: आज जगती पर जयजय जार। प्रगट भये श्री वल्लभ पुरुषोत्तम बदन अग्नि अवतार॥१॥ धन्य दिन माधव मास एकादसी कृष … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: नौमी चैत की उजियारी। दसरथ के गृह जनम लियौ है मुदित अयोध्या नारी॥१॥ राम लच्छमन भरत सत्रुहन भूतल प्रगट … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: रंचक चाखन देरी दह्यो। अद्भुत स्वाद श्रवन सुनि मोपे नाहित परत रह्यो॥१॥ ज्यों ज्यों कर अंबुज उर ढांकत … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: मोहन केसे हो तुम दानी। सूधे रहो गहो अपनी पति तुमारे जिय की जानी॥१॥ हम गूजरि गमारि नारि हे तुम हो सार … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: मोहन मांगत गोरस दान। कनक लकुट कर लसत सुभग अति कही न जात यह बान॥२॥ अति कमनीय कनक तन सुंदरी हसि परसत प … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: हमारो दान देहो गुजरेटी। बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यो आज अचानक भेटी॥१॥ अति सतरात कहा धों करेगी बडे गोप क … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: श्री लक्ष्मण घर बाजत आज बधाई । पूरण ब्रह्म प्रकटे पुरुषोत्तम श्री वल्लभ सुखदाई ॥१॥ नाचत वृद्ध तरुण औ … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: डोल माई झूलत हैं ब्रजनाथ । संग शिभित वृषभान नंदिनी ललिता विशाखा साथ ॥१॥ वाजत ताल मृदंग झांझ डफ रुंज … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: मनमोहन अद्भुत डोल बनी । तुम झूलो हों हरख झुलाऊं वृंदावन चंदधनी ॥१॥ परम विचित्र रच्यो विश्वकर्मा हीरा … more →