रंगीली तीज गनगौर आज चलो भामिनी कुंज छाक लै जैये। विविध भांति नई सोंज अरपि सब अपने जिय की तृपत बुझैये॥१॥ लै कर बीन बजाय गाय पिय प्यारी जेंमत रुचि उपजैये। कृष्णदास वृषभानु सुता संग घूमर दै दै नंदनंद रिझ… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: रंगीली तीज गनगौर आज चलो भामिनी कुंज छाक लै जैये। विविध भांति नई सोंज अरपि सब अपने जिय की तृपत बुझैये … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: तीज गनगौर त्यौहार को जानि दिन करत भोजन लाल लाडिली पिय साथ। चतुर चंद्रावलि बैठि गिरिधरन संग देति नई न … more →