सुभग सेज सोभित कौसल्या रुचिर राम सिसु गोद लिये। बाललीला गावत हुलरावत पुलकित प्रेम पीयुष पिये॥१॥ कबहू पौढि पय पान करावत कबहूं राखत लाय हिये। बार बार बिधु बदन बिलोकत लोचन चारु चकोर पिये॥२॥ सिव विरंच मुन… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: सुभग सेज सोभित कौसल्या रुचिर राम सिसु गोद लिये। बाललीला गावत हुलरावत पुलकित प्रेम पीयुष पिये॥१॥ कबहू … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: कौसल्या रघुनाथ कों लिये गोद खिलावे। सुंदर बदन निहारकें हँसि कंठ लगावे॥१॥ पीत झगुलिया तन लसे पग नूपुर … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: लीला लाल गोवर्धनधर की। गावत सुनत अधिक रुचि उपजत रसिक कुंवर श्री राधावर की॥१॥ सात द्योस गिरिवर कर धार … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: तुम नंदमहर के लाल मोहन जाने दे। रानी जसुमति प्रान आधार मोहन जाने दे॥ ध्रु.॥ श्री गोवर्धन के शिखर तें … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: सोभित कर नवनीत लिए। घुटुरुन चलत रेणु तनु मंडित, मुख पर दधि को लेप किए॥१॥ चारु कपोल लोल लोचन छवि, गोर … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: झुंडन गावत हे ब्रजनारी । नवसत साजसिंगार कनक तन पहेरें झूमक सारी ॥१॥ कंचन थार लियेजु कमलकर मंगल साज स … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: चरण पंकज रेणु श्री यमुने जु देनी । कलयुग जीव उद्धारण कारण, काटत पाप अब धार पेनी ॥१॥ प्राणपति प्राणसु … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: श्री यमुना जस जगत में जोइ गावे । ताके अधीन ह्वै रहत हे प्राणपति नैन अरु बेन में रस जु छावे ॥१॥ वेद प … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: श्री यमुना सी नाही कोउ और दाता । जो इनकी शरण जात है दौरि के, ताहि को तीहिं छिनु कर सनाथा ॥१॥ एहि गुन … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: श्याम संग श्याम, बह रही श्री यमुने । सुरत श्रम बिंदु तें, सिंधु सी बहि चली, मानो आतुर अलि रही न भवने … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: महामहोत्सव श्री गोकुल गाम । प्रेम मुदित युवती जस गावत श्याम सुन्दर को ले ले नाम ॥ जहाँ तहाँ लीला अवग … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: भोग श्रृंगार यशोदा मैया,श्री विट्ठलनाथ के हाथ को भावें । नीके न्हवाय श्रृंगार करत हैं, आछी रुचि सों … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: नंद भवन को भूषण माई । यशुदा को लाल, वीर हलधर को, राधारमण सदा सुखदाई ॥ इंद्र को इंद्र, देव देवन को, ब … more →