श्री वल्लभ श्री वल्लभ श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय दीन द्वार आयो। कृपा भरि नैन कोर देखिये जु मेरी ओर जनम जनम सोधि सोधि चरन कमल पायो॥१॥ कीरति चहुँ दिसि प्रकास दूर करत विरह ताप संगम गुन गान कर… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ श्री वल्लभ श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय दीन द्वार आयो। कृपा भरि नैन कोर देखिये … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: छगन मगन प्यारे लाल कीजिये कलेवा । छींके ते सघरी दधीऊखल चढ काढ धरी, पहरि लेहु झगुलि फेंट बांध लेहु मे … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: जागो मेरे लाल जगत उजियारे । कोटिक मनमथ वारों मुसकनि पर कमल नयन अंखियन के तारे ॥१॥ संगले ग्वालबाल बछ … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: जागिये गोपाल लाल जननी बलि जाई । उठो तात भयो प्रात रजनी को तिमिर घट्यो, आये सब ग्वालबाल मोहना कन्हाई … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: सांवरो मंगल रूप निधान। जा दिन तें हरि गोकुल प्रगटे दिन दिन होत कल्याण ॥१॥ बैंठि रहों श्याम धुन सुमिर … more →