आंगन नन्द के दधिकादो। छिरकत गोपी ग्वाल परस्पर प्रगटे जग में जादो॥१॥ दूध लियो दधि लियो लियो घृत माखन माट संयूत। घरघरते सब गावत आवत भयो महर के पूत॥२॥ वाजत तूर करत कोलाहल वारि वारि दे दान। जियो जसोदा पूत… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 10 months ago: आंगन नन्द के दधिकादो। छिरकत गोपी ग्वाल परस्पर प्रगटे जग में जादो॥१॥ दूध लियो दधि लियो लियो घृत माखन … more →
pushtimarg wrote 10 months ago: सब ग्वाल नाचे गोपी गावे। प्रेम मगन कछु कहत न आवे॥१॥ हमारे राय घर ढोटा जायो। सुनि सब लोग बधाये आयो॥२॥ … more →
pushtimarg wrote 10 months ago: नन्द बधाई दीजे हो ग्वालन। तुमारे स्याम मनोहर आये गोकुल के प्रतिपालन॥१॥ युवतिन बहु विधि भूषन दीजे विप … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: आनंद आज भयो हो भयो जगती पर जय जय कार। श्री लछमन गृह प्रगट भये हैं श्री वल्लभ सुकुमार॥१॥ धन्य धन्य मा … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: कांकरवारे तैलंग तिलक द्विज वंदो श्रीमद लछमननंद । द्वैपथ राज सिरोमनि सुंदर भूतल प्रगटे वल्लभ चंद॥१॥ अ … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: सुखद माधव मास कृष्ण एकादशी भट्ट लछमन गेह प्रगट बैठे आइ। ब्रज जुवती गूढ मन इंद्रियाधीस आनंद गृह जानि … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: तत्व गुन बान भुवि माधवासित तरनि प्रथम भगवद दिवस प्रगट लछमन सुवन। धन्य चम्पारण्य मन त्रैलोकजन अन्य अव … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: प्रगट भये प्रभु श्रीमद वल्लभ ब्रज वल्लभ द्विज देह। निजजन सब आनंदित गावत बजत बधाई सबहिन के गेह॥१॥ भूत … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: केसर की धोती पहिरें, केसरी उपरना ओढें, तिलक मुद्रा धरि बैठें श्री लछमन भट धाम। जन्म द्यौस जानि जानि, … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: सघन कुंज भवन आज फूलन की मंडली रचि ता मधि लै संग राधा बैठे गिरिधरनलाल। चूनरी की बांधि पाग अंग बागो चू … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: नंद घरुनि वृषभान घरुनि मिलि कहति सबन गनगौर मनाओ। नये बसन आभूषन पहरो मंगल गीत मनोहर गाओ॥१॥ करि टीकौ न … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: नवल निकुंज महेल मंदिर में जेंवन बैठे कुंवर कन्हाई। भरि भरि डला सीस धरि अपने व्रजबधू तहाँ छाक लै आई॥१ … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: कहत जसोदा सब सखियन सों आवो बैठो मंगल गावो। है गनगौर की तीज रंगीली कान्ह कुंवर को लाड लडावो॥१॥ ललिता … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: चैत्र मास संवत्सर परिवा बरस प्रवेस भयो है आज। कुंज महल बैठे पिय प्यारी लालन पहरे नौतन साज॥२॥ आपुही क … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: भली करी पूजा तुम मेरी। बहुत भांत कर व्यंजन अरप्यो, सो सब मान लई मैं तेरी॥१॥ सहस्त्र भुजाधर भोजन कीनो … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: देखोरि हरि भोजन खात। सहस्त्र भुजा धर इत जेमत हे दूत गोपन से करत हे बात॥१॥ ललिता कहत देख हो राधा जो त … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: यह लीला सब करत कन्हाई। उत जेमत गोवर्धन के संग, इत राधा सों प्रीत लगाई॥१॥ इत गोपिन सों कहत जिमावो उत … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: आज दधि कंचन मोल भई। जा दधि को ब्रह्मादिक इच्छत सो गोपन बांटि दई॥१॥ दधि के पलटे दुलरी दीनी जसुमति खबर … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: आज बधाई को दिन नीको। नंद घरनी जसुमति जायो है, लाल भामतो जीको॥१॥ पंच शब्द बाजे बाजत घर घर ते आयो टीको … more →