अपने विद्यार्थी जीवन में मैंने ‘पुनर्मूषको भव’ नाम की एक शिक्षाप्रद कहानी पढ़ी थी । उस कहानी में एक चूहे की दास्तान कही गयी है । चूहा अलग-अलग मौकों पर अन्य जानवरों से भयभीत होकर एक तपस्वी एवं सिद्ध मुन… more →
जिंदगी बस यही हैयोगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: आचार्य चाणक्य के नाम से प्रायः हर भारतवासी परिचित होगा । उन्हें अवसर के अनुरूप हर प्रकार की नीति अपन … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: अपने विद्यार्थी जीवन में मैंने ‘पुनर्मूषको भव’ नाम की एक शिक्षाप्रद कहानी पढ़ी थी । उस कहानी में एक च … more →