रंगीली तीज गनगौर आज चलो भामिनी कुंज छाक लै जैये। विविध भांति नई सोंज अरपि सब अपने जिय की तृपत बुझैये॥१॥ लै कर बीन बजाय गाय पिय प्यारी जेंमत रुचि उपजैये। कृष्णदास वृषभानु सुता संग घूमर दै दै नंदनंद रिझ… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: रंगीली तीज गनगौर आज चलो भामिनी कुंज छाक लै जैये। विविध भांति नई सोंज अरपि सब अपने जिय की तृपत बुझैये … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: बैठे लाल फूलन की चौखंडी । चंपक बकुल गुलाब निवारो रायवेलि श्री खंडी ॥१॥ जाई जुई केवरो कुंजो कनक कणेर … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: तिहारो दरस मोहे भावे श्री यमुना जी । श्री गोकुल के निकट बहत हो, लहरन की छवि आवे ॥१॥ सुख देनी दुख हरण … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: आज दधि मीठो मदन गोपाल । भावे मोही तुम्हारो झूठो,सुन्दर नयन विशाल ॥ बहुत दिवस हम रहे कुमुदवन,कृष्ण ति … more →