Blogs about: रात

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कल रात भर......2 comments

sonyagee wrote 3 days ago: सर्द मौसम से दामन बचाते गिलाफो में खुद को छुपाते काफ़ी की गरम चुस्की लगाते यूं ही अचानक… तेर … more →

Tags: कविता, कल

हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़9 comments

विनय wrote 2 months ago: हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, against, ख़िलाफ़, दिल, मुआफ़, मौक़ा, लिहाफ़, शिगाफ़, साफ़

ये कैसा मौसम है दोस्‍तो!4 comments

prithvi wrote 2 months ago: ये कैसा मौसम है दोस्‍तो! …. चांद पूरा है. पूरा का पूरा. चमकता हुआ. तड़के पौने पांच बजे छत पर … more →

Tags: गांव- गुवाड़, ओलावृष्टि, किसान, खलिहान, चांद, चैत वैशाख, पंजाब, पूर्णिमा, फसल

रातभर चाँद देखा किये15 comments

विनय wrote 6 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, ख़ामोश, ख़ाली, गदेली, चाँद, तन्हाई, तस्वीर, नाम

कुछ तो था कुछ तो है12 comments

विनय wrote 6 months ago: कुछ तो था कुछ तो है तेरे-मेरे बीच सजनी वरना तुम यहाँ न आती वरना यादें तेरी न होती यूँ बरस गुज़रते हैं … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ख़ुशी, इश्क़, Love, क़रीब, प्यार, मोहब्बत, तन्हा

धीरे-धीरे ग़म सहना5 comments

विनय wrote 8 months ago: धीरे-धीरे ग़म सहना, किसी से कुछ न कहना फ़ितरत ऐसी हो गयी, दिन-रात मरके जीना शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़ … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, प्यार, फ़ितरत, मोहब्बत, प्रेम, Night, ग़म

आज काली रात है तो क्या...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आज काली रात है तो क्या, कल चाँदनी रात होगी, आज तपती धुप है तो क्या, कल मौसम-ऐ-बहार होगी, आज खाली हाथ … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, amarjeet singh, काली रात, चाँदनी, मौसम-ऐ-बहार

निशा प्रिया4 comments

Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 1 year ago: तुमसे दूर यहाँ भी साँझ ढलती है, रात के किनारे पर अब टहलती है । उसके आँचल में बँधा तुमसे दूरी का अहस … more →

Tags: कविता, Kavita, Poetry, निशा

शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा

विनय wrote 1 year ago: शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा चाँद तन्हा मैं तन्हा और ख़्याल तेरा सबसे छुपाया पर छुपा न राज़े-मोहब … more →

Tags: रुबाइयाँ, चाँद, इश्क़, दोस्त, Love, प्यार, मोहब्बत, तन्हा, शबनमी

मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला3 comments

विनय wrote 1 year ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सितारों के लिए चाँद ढूँढ़ने निकला दिन अदा किया तब रात नसीब हुई हर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, सुरमई

इस जानिब य उस जानिब

विनय wrote 1 year ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन ‘ग़ालिब’ एक बला है दर्दे-निहाँ कौन बुरा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, जानिब, नज़र, dream, Night, ज़ख़्म, Silence, दिन

शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर

विनय wrote 1 year ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, Reminisce, प्यार, याद, मोहब्बत, Pain

तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे2 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी सदा तुम्हें जो दीवारें ख़ुद-ब-ख़ुद गिरती हैं मैं कैसे चुनावाऊँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, Reminisce, तन्हाई, प्यार, याद, मोहब्बत

ज़हर पीकर जीने चले2 comments

विनय wrote 1 year ago: ज़हर पीकर जीने चले कच्चे-पक्के ज़ख़्म सीने चले आँसू सूखे हुए थे पलकों से बरसते हैं सितारे सारी रात चाँ … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, चाँद, इश्क़, Love, पलाश, आइना, प्यार, मोहब्बत

जैसे-तैसे निभाते हैं

विनय wrote 1 year ago: जैसे-तैसे निभाते हैं प्यार करके पछताते हैं सच्चे-झूठे सपने तेरे रातों की नींदें उड़ाते हैं दो किनारे … more →

Tags: मेरा गीत, उम्मीद, इश्क़, लोग, Love, प्यार, मोहब्बत, सपना, regret

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, light, Flower, मौसम, दिल, प्यार

ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी

विनय wrote 1 year ago: ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी सूखे पत्ते उड़ाने लगी दरख़्त की शाख़ों पर धूप की बूँदें नहीं सूरज का दरिया है … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, Tree, ज़िन्दगी, बूँद, चाँद, धूप, इश्क़, Love

ज़ीनत

विनय wrote 1 year ago: गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे महक उठी रिदा यह चाँदनी की… शबनमी रात और भी हसीन हो गयी है शा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हुस्न, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, चाँदनी, हसीन, Beauty

रात सूनी सूनी है और सहर खामोश है

Rohit Jain wrote 1 year ago: रात सूनी सूनी है और सहर खामोश है तुम चले गये तो सारा शहर खामोश है कैसा तन्हा है समाँ ताज़ीर-ए-खामोशी … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Feb 2007, 2007, और, कविता, खामोश, गज़ल, जैन


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