रात सूनी सूनी है और सहर खामोश है तुम चले गये तो सारा शहर खामोश है कैसा तन्हा ह… more →
इक शायर अंजाना सा...Amarjeet Singh wrote 3 months ago: आज काली रात है तो क्या, कल चाँदनी रात हो … more →
Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 3 months ago: तुमसे दूर यहाँ भी साँझ ढलती है, रात के … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा चाँद … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सित … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: इस जानिब य उस जानिब कौन ‘नज़र’ है कौन … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी स … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: ज़हर पीकर जीने चले कच्चे-पक्के ज़ख़्म सी … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जैसे-तैसे निभाते हैं प्यार करके पछतात … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हम … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी सूखे पत्ते उड़ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे मह … more →
Rohit Jain wrote 6 months ago: रात सूनी सूनी है और सहर खामोश है तुम चल … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: एक मेरा सपना तू ही तो थी जाना दूर जो गयी … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: रोज़ सपनों में आता है इन रातों में जगात … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने द … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं तेरे दिल क … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: थकने लगी है मोहब्बत की शाम सफ़र के राही … more →
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: आ तेरी आँखों के नीलम से यह चाँद-रात नील … more →