अयोध्या राज। चक्रवर्ती राजन। वृद्ध ह्वै जाएं।। कौशल राज, सुतविहीन हाय! भए उदास॥ कीन तपस्या, मिले ये वरदान, हो पुत्रवान॥ श्रृंगी बुलाए, आहुति यज्ञ दिए, पुत्रकामेष्टि। बीते नौ मास , कौशल्या के गर्भात, प… more →
पसंदयोगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित ग्रंथ ‘रामायण’ को संस्कृत साहित्य का प्रथम महाकाव्य कहा जाता है । यह महा … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अक्सर अनेक कवितायें, शायरियों गीत, और गद्य रचनायें हमारे सामने आती हैं जिसमें भारतीय धर्म ग्रंथों के … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अम्भोजिनी वनविहार विलासमेव हंसस्य हंति नितरां कुपितो विधाता। न त्वस्य दुग्धवाभेदविधौ प्रसिद्धां वेंद … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कहीं न्यूजीलैंड में इस बात को लेकर लोग नाराज है कि ‘हनुमान जी पर कंप्यूटर गेम बना दिया गया है और बच् … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत कविवर रहीम कहते हैं कि बां … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: मैंने पहले कभी (31 अक्टूबर) महर्षि बाल्मीकिविरचित रामायण में उल्लिखित राम-जाबालि संवाद की चर्चा की थ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: बाल्मीकिकृत रामायण में ऋषि जाबालि एवं श्रीराम के बीच एक संवाद का जिक्र है जो मुझे रोचक लगा । प्रसंग … more →
aspundir wrote 1 year ago: श्री रामचरित मानस के सिद्ध ‘मन्त्र’ नियम- मानस के दोहे-चौपाईयों को सिद्ध करने का विधान य … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: अयोध्या राज। चक्रवर्ती राजन। वृद्ध ह्वै जाएं।। कौशल राज, सुतविहीन हाय! भए उदास॥ कीन तपस्या, मिले ये … more →