Blogs about: राम

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राम और रावण की भूमिका-लघुकथा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्तराम, लेखक, व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep

भर्तृहरि शतकः हंसों का मूल गुण परमात्मा भी नहीं छीन सकता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अम्भोजिनी वनविहार विलासमेव हंसस्य हंति नितरां कुपितो विधाता। न त्वस्य दुग्धवाभेदविधौ प्रसिद्धां वें … more →

Tags: adhyatm, अध्यात्म, दीपक भारतदीप, धर्म, शब्द, Deepak bharatdeep, hindi litreture, hindi writer, India

रहीम के दोहे: ख़ुशी के बदले ख़ुशी जरूर प्रदान करें

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत कविवर रहीम कहते हैं कि बां … more →

Tags: हिंदी, adhyatm, अध्यात्म, दोहे, धर्म, रामायण, हिंदी साहित्य, हिंदू, dharm

चाणक्य नीतिः धर्म परिवर्तन बनता है तनाव का कारण (chankya niti)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते ह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, चाणक्य, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Blogging, Hindi Darshan, Hindi Education

चाणक्य नीतिः अपने धर्म और भक्ति में बदलाव बनता है तनाव का कारण

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →

Tags: Hindi writing, Hindi Darshan, hindi megzine, chankya, hindi shabd, web dunia, shri Gita, hindi internet, Hindi Blogging

चाणक्य नीतिः अपने धर्म और भक्ति में बदलाव बनता है तनाव का कारण

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →

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राम नवमी के शुभ अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाये

Praful wrote 3 months ago: आपको और आपके पुरे परिवार को राम नवमी के शुभ अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाये | मर्यादा पुरुषोतम भगवान श … more →

Tags: News

रहीम के दोहे: जहाँ सुई काम आती है वहाँ तलवार के उपयोग की बात सोचना बेकार

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: रहिमन धोखे भाव से, मुख से निकले राम पावत पूरन परम गति, कामादिक कौ धाम कविवर रहीम कहते हैं कि अगर धो … more →

Tags: hindi Personal, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, hindi india, hindi duniya, Hindi vews, hindi media, hindi megzine

हे राम, जवाब दो...4 comments

pryas wrote 10 months ago: हाँ, हाँ सुने हैं… …सुने हैं तेरे बडप्पन के चर्चे, बनता है तू मर्यादा पुरूषोत्तम, और ये … more →

Tags: मेरी रचना, हिन्दी चिट्ठा, pryas, प्रयास, यह भी खूब रही, ब्लौगवाणी, भगवान, yah bhi khoob rahi, naresh blog

हाइकू-रामायण6 comments

प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: अयोध्या राज। चक्रवर्ती राजन। वृद्ध ह्वै जाएं।। कौशल राज, सुतविहीन हाय! भए उदास॥ कीन तपस्या, मिले ये … more →

Tags: हाइकू-रामायण, रामायण, हाइकू haiku, Rama

उडो न कागा कारे1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, देह मिली जहे, अपने राम प्यारे, उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, प … more →

Tags: Jagjit Singh, जगजीत सिहँ, Álbums, Devotional, Man Jeetai Jagjeet, जगजीत सिंह, Hmv, Devotional, Odaho Na Kaga Kare

राम सिमर राम सिमर

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: राम सिमर राम सिमर, इहे तेरे काज है, माया को संग त्याग, प्रभु जू की सरन लाग, जगत सुख मान मिथ्या, झूठो … more →

Tags: Jagjit Singh, जगजीत सिहँ, Álbums, Devotional, Man Jeetai Jagjeet, Keertan (Gurbani), जगजीत सिंह, Hmv, Devotional

बर्थ सर्टिफिकेट ऑफ़ लॉर्ड रामा12 comments

अतुल शर्मा wrote 1 year ago: पवनपुत्र हनुमान बड़े ही चिंतित दिखाई दे रहे थे। उनकी भावभंगिमा से वे किसी उहापोह में लगते थे। आकु … more →

Tags: व्यंग्य, , जन्म, प्रमाणपत्र, रामसेतु, हनुमान, Birth Certificate, Hanuman, Rama

राम कहाँ से लाऊ7 comments

hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: जो युग बीत गया हो उसका अंजाम कहाँ से लाऊ , कलयुग मैं रहने वाला हूँ राम कहाँ से लाऊ . सीता को भी ढूँढ … more →

Tags: देश, प्रश्न-उत्तर, भारतीये, bharat, Blogroll, Deep, desh, Ghazal, hemjyotsana

राम रतन धन पायो 3 comments

meerabai wrote 2 years ago: पायो जी मैने  राम रतन धन पायो       वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो जनम जनम की पूंजी पाई … more →


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