तानेके महायज्ञान्यज्ञशास्त्रविदो जनाः। अनीहमानाः सततमिंिद्रयेघ्वेव जुह्नति।। हिंदी में भावार्थ-शास्त्रों के ज्ञाता कुछ गृहस्थ उनमें वर्णित यज्ञों को नहीं करते पर अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखते हैं। उ… more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 months ago: सुनते हैं मरते समय रावण ने राम का नाम जपा इसलिये पुण्य कमाने के साथ स्वर्ग और अमरत्व का वरदान पाया। … more →
Shivam Misra wrote 2 months ago: हम भारतीय विश्व की प्राचीनतम सभ्यता के वारिस है तथा हमें अपने गौरवशाली इतिहास तथा उत्कृष्ट प्राचीन स … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम ज … more →
Nidhi KM wrote 6 months ago: हर बार क्यों लक्षमण रेखा खिचाती है? हर बार क्यों अग्नि परीक्षा होती है? जब राम ही नही है आज यहाँ? फि … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अम्भोजिनी वनविहार विलासमेव हंसस्य हंति नितरां कुपितो विधाता। न त्वस्य दुग्धवाभेदविधौ प्रसिद्धां वेंद … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत कविवर रहीम कहते हैं कि बां … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
Praful wrote 8 months ago: आपको और आपके पुरे परिवार को राम नवमी के शुभ अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाये | मर्यादा पुरुषोतम भगवान श् … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: रहिमन धोखे भाव से, मुख से निकले राम पावत पूरन परम गति, कामादिक कौ धाम कविवर रहीम कहते हैं कि अगर धोख … more →
pryas wrote 1 year ago: हाँ, हाँ सुने हैं… …सुने हैं तेरे बडप्पन के चर्चे, बनता है तू मर्यादा पुरूषोत्तम, और ये … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: अयोध्या राज। चक्रवर्ती राजन। वृद्ध ह्वै जाएं।। कौशल राज, सुतविहीन हाय! भए उदास॥ कीन तपस्या, मिले ये … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, देह मिली जहे, अपने राम प्यारे, उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, प … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: राम सिमर राम सिमर, इहे तेरे काज है, माया को संग त्याग, प्रभु जू की सरन लाग, जगत सुख मान मिथ्या, झूठो … more →
अतुल शर्मा wrote 2 years ago: पवनपुत्र हनुमान बड़े ही चिंतित दिखाई दे रहे थे। उनकी भावभंगिमा से वे किसी उहापोह में लगते थे। आकुल-व … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 2 years ago: जो युग बीत गया हो उसका अंजाम कहाँ से लाऊ , कलयुग मैं रहने वाला हूँ राम कहाँ से लाऊ . सीता को भी ढूँढ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 2 years ago: जो युग बीत गया हो उसका अंजाम कहाँ से लाऊ , कलयुग मैं रहने वाला हूँ राम कहाँ से लाऊ . सीता को भी ढूँढ … more →
meerabai wrote 3 years ago: पायो जी मैने राम रतन धन पायो वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो जनम जनम की पूंजी पाई … more →