हम तो यूं अपनी ज़िंदगी से मिले, अजनबी जैसे अजनबी से मिले, हर वफ़ा एक जुर्म हो गया, दोस्त कुछ ऎसी बेरुखी से मिले, फूल ही फूल हमने मांगे थे, दाग ही दाग जिंदगी से मिले, जिस तरह आप हम से मिलते हैं, आदमी यूं… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामदीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हम तो यूं अपनी ज़िंदगी से मिले, अजनबी जैसे अजनबी से मिले, हर वफ़ा एक जुर्म हो गया, दोस्त कुछ ऎसी बेरुख … more →