दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दिल ने किया इश्क़ पर किसका ज़ोर है बहती हवाओं में शोर है दिल में दरकती हैं आहें उनके बिना सूनी हैं बाँहें चले आओ, चले आओ ठहर गयीं हैं सब राहें दिल में दुआ दिल में पि… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दिल ने किया इश्क़ पर किसका ज़ोर है बहती हवाओं में शोर है दिल में … more →
विनय wrote 1 year ago: राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनामी में है अपना ही मज़ा घुटके मरने का ग़ुमनामी में मुझको गले से लग … more →