Blogs about: राज़
Featured Blog
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया सरे-राह मैं अपनी मंज़िल पा गया चराग़… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा चाँद … more »
ज़हराब में बुझाते हैं तीर क्यूँ
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़हराब में बुझाते हैं तीर क्यूँ शिकार क … more »
आज हो या कल हो
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता ह … more »
इस पल से उस पल तक
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता … more »
अब 'विनय' तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: अब ‘विनय’ तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा दे … more »
