उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे उम्मीद है ख़ुशी घर आयेगी उम्मीद है तेरा ख़त लायेगी जब कली से भँवरा मिलेगा उम्मीद है ख़ुशबू बुलायेगी … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →