उस रात जब हम भाइयों को खाना खाए बीत चुके थे कई दिन और मां ने पड़ोसियों से उधार मांगकर लाने/खाने से मना कर दिया था. जब पानी पीने से रात नहीं/ कलेजा कट रहा था हर कोशिका के लाइसोसोम के स्वभक्षी होने की … more →
कांकड़wrote 1 month ago: कोलतार की काली चिकनी सड़क, उस पर सरपट भागती मेरी बस | बस में सहकर्मियों का एक रेला रेले की पिछली सीट … more →
wrote 10 months ago: वर्षा ऋतु आरम्भ होते ही मन-मयूर नाच उठता है। सावन-भादों मानो अमृत बरसाते हैं। वर्षा का आगमन किसान के … more →
wrote 1 year ago: उस रात जब हम भाइयों को खाना खाए बीत चुके थे कई दिन और मां ने पड़ोसियों से उधार मांगकर लाने/खाने से म … more →