दरभंगिया wrote 4 months ago: सुबह की अलसाई बेला में जब अंगडाई लेती तुम प्रिये न पूछ कहाँ किधर कैसे उठती है एक टीस प्रिये. रात नही … more →
दरभंगिया wrote 5 months ago: तेरे नयना ऐसे सजना जो ले जाते मेरे चैना जो ना दिखे तो दिल घबराए साँस रुके जब सामने आए ऐसा क्यों हैं … more →
Dr Prabhat Tandon wrote 1 year ago: ” बत्तीसी संभाल गोरी , उडी चली जाये रे । ” यह बत्तीसी भी कमाल की हैं , कभी यह खो ज … more →